Friday, June 12, 2026
No menu items!
Google search engine

अगर पीरियड्स के दौरान असहनीय दर्द और क्रैंप से चाहिए छुटकारा तो अपनाए कुछ आसान से टिप्स

Spread the News

नई दिल्ली। पीरियड आना प्रजनन उम्र में हर महिला के शरीर की खास विशेषता है लेकिन इस दौरान महिलाओं को खासी परेशानियों से भी गुजरना पड़ता है। अधिकांश महिलाओं को पीरियड आने से कुछ पहले और बाद तक पेट में असहनीय दर्द और क्रैंप का सामना करना पड़ता है। कुछ महिलाओं में यह दर्द इनर थाई तक पहुंच जाता है। इतना ही नहीं पीरियड्स के दौरान महिलाओं को सिर दर्द, मतली आना, उल्टी, चक्कर आदि समस्याओं का भी सामना करना पड़ता है।

कुछ महिलाएं इन परेशानियों से बचने के लिए बोतल में गर्म पानी से सिंकाई करती हैं लेकिन यह स्थायी समाधान नहीं है। इस परेशानी में दवा से भी तत्काल राहत मिलती है लेकिन इससे भी पूरी तरह पीरियड्स पैन या क्रैंप से छुटकारा नहीं मिलता।

ऐसे में योग वह साधन है जो आपको तन और मन से मजबूत बनाता है और इससे पीरियड्स पेन और क्रैंप से छुटकारा भी मिल सकता है। योग हमें मानसिक रूप से मजबूत बनाता है और मूड को बूस्ट करता है। इस तरह अगर आप चाहती हैं कि पीरियड्स पेन से स्थायी रूप से छुटकारा मिले तो एक्सपर्ट के बताए कुछ आसान योग को अपने जीवन में उतार लें।

1. बालासन या चाइल्ड पोज-एचटी ने योग एक्सपर्ट के हवाले से बताया है कि बालासन का मतलब होता है बैठने वाला आसन। बालासन योग करने के लिए योगा मैट पर घुटनों के बल बैठ जाए। इसके बाद दोनों टखनों और एड़ियों को आपस में जोड़ लें। फिर धीरे-धीरे घुटनों को बाहर की तरफ जितना हो सके फैलाएं। इसके बाद गहरी सांस लेकर आगे की तरफ झुक जाएं और पेट को दोनों जांघों के बीच में ले जाएं।

कमर के पिछले हिस्से को चौड़ा करें और कूल्हे को सिकोड़ते हुए नाभि की तरफ खींचने की कोशिश करें। इसके बाद सिर और गर्दन को थोड़ा पीछे से उठाने की कोशिश करें। इस मुद्रा में पेल्विस का भाग आराम की स्थिति में होता है। यह आसन 2 से 3 मिनट तक करें और इसे फिर से दोहराएं। इस आसन में गर्भाशय की दीवार में संकुचन पैदा होती है जिसके कारण पीरियड्स पेन और क्रैंप से राहत मिलती है।

2. वज्रासन – इसे थंडरवोल्ड पोज या डायमंड पोज भी कहा जाता है। इस आसन में पूरे पेट का इस्तेमाल होता है। इसे दिन का खाना खाने के बाद किया जाना चाहिए। इसे करने के लिए योगा मैट पर घुटनों के बल बैठ जाएं। इस आसन में आपकी थाई आपके घुटनों के उपर होना चाहिए। इसमें शरीर का सारा भार पैरों पर रखें और दोनों हाथों को जांघों पर रखें। इसमें आपकी कमर का उपरी हिस्सा बिल्कुल सीधा होना चाहिए। इस आसन में आपकी थाई पर सारा भार आएगा जिससे गर्भाशय की दीवार में संकुचन पैदा होगी। इससे पीरियड्स से संबंधित सभी गड़बड़ियों से छुटकारा मिल सकता है।

3. बद्ध कोनासन-बद्ध कोनासन को कोब्लर पोज भी कहा जाता है। यह दंडासन की तरह है लेकिन इसमें बैठकर योग करना होता है। बद्ध कोनासन करने के लिए योगा मैट पर बैठ जाए और दोनों पैरों को मोड़ लें। इसके बाद दोनों पैरों के तलवे को हाथों से एक-दूसरे के साथ लगा दें। इसमें आपकी एड़ियां पेल्विस के एकदम निकट होना चाहिए। अब अपनी जांघों को उपर-नीचे कर हिलाएं। इससे पेट के सारे हिस्से में खालीपन महसूस होगा जिससे पूरे पेट की एक्सरसाइज हो जाएगी। पीरियड्स संबंधी सभी तरह की परेशानियों के लिए बद्ध कोनासन बेहद उत्तम है। इसमें ज्यादा मेहनत करने की भी जरूरत नहीं है।

4. दंडासन-दंडासन को स्टाफ पोज भी कहा जाता है। इस आसन को सुखासन के साथ किया जाता है। इस आसन की पहली शर्त यह है कि इसमें आपको अपनी रीढ़ की हड्डी को एकदम सीधी रखनी होगी। इसके लिए सबसे पहले योगा मैट पर बैठक कर कमर सीधी करें और दोनों पैरों को अपने शरीर के आगे फैलाकर इसे सटा लें। अपने टखने को सीधा कर अपने मुंह की ओर खींचे। आपके टखने और आपके सिर के एकदम सीध में होने चाहिए। इसके बाद पेल्विस, थाई और पैरों को एकदम टाइट कर लें।

इस अवस्था में करीब एक मिनट कर रहें। इससे आपकी रीढ़ की हड्डी में मजबूती आएगी और पेल्विस फ्लोर की एक्सरसाइज भी हो जाएगी। दंडासन से न केवल आपको पीरियड्स संबंधी गड़बड़ियों से छुटकारा मिलेगी बल्कि इससे शरीर में मजबूती और लोच भी आएगी। हालांकि इन सभी योगासन को किसी एक्सपर्ट की निगरानी में करें तो ज्यादा बेहतर है।

RELATED ARTICLES
- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments