Friday, April 10, 2026
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मम्मी-पापा नहीं माने तो अपने प्यार को भूल जाइये, नहीं रह पाएंगे लिव-इन में भी

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Haryana Khap Panchayat Love Marriage Live In Decision : दिल्ली-एनसीआर समेत देशभर में लिव-इन में रहने वाले युवक-युवतियों की संख्या में तेजी से इजाफा हो रहा है। लिव-इन रिलेशनशिप यानी शादी बगैर एक घर में साथ रहने पर बार-बार सवाल उठते रहे हैं। पिछले एक साल के दौरान  इसको लेकर समाजशास्त्रियों के अलावा सामाजिक संगठन भी कई बार चिंता जता चुके हैं।

इस बीच श्रद्धा वालकर समेत कई लिव लिव-इन पार्टनर की हत्याओं के मामलों ने खाप पंचायतों को इस पर विचार करने के लिए मजबूर कर दिया है। बताया जा रहा है कि आगामी 10 सितंबर को जींद में आयोजित महापंचायत में अहम फैसले लिए जाएंगे। इस महापंचायत में लिव-इन रिलेशनशिप में रहने के लिए पैरेंट्स की सहमति जरूरी करने संबंधी निर्णय समेत अन्य मुद्दों पर भी विचार किया जाएगा।

लव मैरिज से पहले लेनी होगी पैरेंट्स की मंजूरी

जींद जिले के बांगर इलाके में शनिवार को खापों की अहम बैठक हुई थी। इसमें लव मैरिज और लिव-इन को लेकर चिंता जताई गई। इस मौके पर यह भी ऐलान किया गया कि जिले के ही जलालपुर काला गांव में एक महापंचायत आयोजित की जाएगी। इसमें लव मैरिज से पहले और लिव-इन में रहने के लिए माता-पिता की अनुमति को अनिवार्य किया जाए या नहीं? इस पर गहन विचार- विमर्श किया जाएगा।

बांगर में हुई बैठक की अध्यक्षता करने वाले गुरबिंदर सिंह संधू बताया कि लिव-इन रिलेशनशिप को लेकर खापों की सख्ती जरूरी हो गई है। आगामी 10 सितंबर को होने वाली महापंचायत में नशीली दवाओं के खतरे के अलावा दहेज, 13वीं पर मृत्यु भोज के अलावा अन्य कई एजेंडे इस बैठक में होंगे।

यहां पर बता दें कि यहां तक नियम-कानून की बात है तो सुप्रीम कोर्ट के अनुसार देश में लिव इन रिलेशनशिप जायज है। इसके अंतर्गत दो बालिग लोग लिव इन रिलेशन में रह सकते हैं। इस तरह बालिग लोग मर्जी से शादी भी कर सकते हैं।

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