Saturday, April 11, 2026
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हाईकोर्ट ने पंजाब पुलिस को लगाई फटकार, कहा- किसान प्रीतपाल के बयान के बावजूद जीरो FIR क्यों दर्ज की?

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चंडीगढ़,7 अप्रैल। युवा किसान प्रीतपाल सिंह का अपहरण कर उसे गंभीर रूप से घायल करने के मामले में बयान के बावजूद जीरो एफआईआर दर्ज करने पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने पंजाब पुलिस को फटकार लगाई है। हाईकोर्ट ने कहा कि प्रीतपाल ने अपने बयान में कहा था कि उसे पंजाब क्षेत्र से उठाकर हरियाणा पुलिस ले गई थी, फिर क्या कारण था कि जीरो एफआईआर दर्ज की गई।  हाई कोर्ट ने अब प्रीतपाल की मेडिकल रिपोर्ट पुलिस को उपलब्ध कराने का आदेश दिया है और पुलिस को स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने का आदेश दिया है।

सुनवाई के दौरान पंजाब सरकार की ओर से बताया गया कि इस मामले में जीरो एफआईआर दर्ज की गई है। इस पर हाईकोर्ट ने हैरानी जताते हुए कहा कि मजिस्ट्रेट को दिए बयान में प्रीतपाल ने साफ कहा था कि वह पंजाब में मौजूद था और शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन का हिस्सा था, फिर जीरो एफआईआर. इसे क्यों रिकॉर्ड किया गया?

हाई कोर्ट ने पाया कि एफआईआर में न तो मेडिकल रिकॉर्ड मौजूद था और न ही हत्या के प्रयास की धाराएं जोड़ी गईं। इस पर पंजाब के एजी ने कहा कि इस केस का रिकॉर्ड हमारे पास सील है और पुलिस के पास नहीं होने के कारण एफआईआर में हत्या के प्रयास की धारा नहीं जोड़ी गई।

इससे पहले हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार से पूछा था कि प्रीतपाल के पिता द्वारा अपहरण और बेरहमी से पिटाई के मामले में डीजीपी को दी गई शिकायत पर क्या कार्रवाई की गई है।

प्रीतपाल ने यह बयान दिया
प्रीतपाल ने अपने बयान में कहा था कि वह प्रदर्शनकारियों के साथ शांतिपूर्वक धरने का हिस्सा थे। इसी दौरान हरियाणा पुलिस ने उन पर हमला कर घायल कर दिया। बाद में उसे घसीटकर हरियाणा इलाके में ले जाया गया और तब तक पीटा गया जब तक वह बेहोश नहीं हो गया। बाद में जब उसकी हालत बिगड़ गई तो वे उसे पीजीआई रोहतक ले गए।

ये था मामला
याचिका दायर करते हुए संगरूर के रहने वाले दविंदर सिंह ने कहा था कि किसानों के शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन के कारण हरियाणा पुलिस ने उनके बेटे का अपहरण कर लिया है। उसे अमानवीय तरीके से पीटा गया और उसकी हालत गंभीर बनी हुई है। पुलिस ने उन्हें अवैध तरीके से हिरासत में लिया है और लगातार परेशान कर रही है। हाई कोर्ट से अपील की गई कि उन्हें हरियाणा पुलिस से रिहा कर इलाज के लिए पीजीआई चंडीगढ़ में भर्ती कराया जाए।

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