कब्रिस्तानों, स्कूलों, मस्जिदों, खानकाहों की सुरक्षा के साथ बच्चों की उच्च शिक्षा की भी चिंता ज़रूरी: मौलाना अनवर अमृतसरी
मुस्लिम महासभा पंजाब के सैमीनार को संबोधित करते मौलाना अनवर अमृतसरी, कासमी, नदवी व उपस्थित लोग
नई दिल्ली/बरनाला, 29 मई (प्रेस विज्ञप्ति) पंजाब के बरनाला जिले के महल कलां में मुस्लिम महासभा पंजाब द्वारा आयोजित अल्पसंख्यक आयोग के सदस्य बहादुर खान के नेतृत्व में एक भव्य सम्मेलन का आयोजन किया गया। जिसमें पंजाब के विभिन्न जिलों के पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं ने भाग लिया।
मुस्लिम महासभा पंजाब के सैमीनार में विशेष रूप से पहुंचे नैशनल ह्यूमन राईटस सोशल जस्टिस फ्रंट के राष्ट्रीय अध्यक्ष व वरिष्ठ पत्रकार मौलाना अनवर अमृतसरी, कासमी, नदवी ने कहा कि देश की आजादी के 75 साल बीत चुके हैं लेकिन अफ़सोस की बात यह है कि वह हुक्मरान कोैम जो दूसरों की समस्याओं को हल करने और उन्हें न्याय दिलाने के लिए जानी जाती थी, आज वह अपने ही कब्रिस्तानों, मस्जिदों, स्कूलों और मदरसों की समस्याओं को हल करने के लिए दर-दर की ठोकरें खाने को मजबूर है।
मौलाना अमृतसरी ने कहा कि हमें मजबूत होने के लिए अपने गौरवशाली अतीत के इतिहास से अवगत होना बेहद जरूरी है। जब हम कब्रिस्तान सहित अन्य समस्याओं को हल करने का प्रयास करते हैं उस के साथ साथ हमें बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा से लैस करने के लिए भी फिक्रंद होना जरूरी है ताकि वे सभी धार्मिक और सांसारिक मामलों की बेहतर समझ सकें और कंधे से कंधा मिलाकर सरकार की आंखों में आंखे डाल कर अपने अधिकारों को प्राप्त कर सकें।




