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पंजाब सरकार की अच्छी पहल, किसानों को पारंपरिक फसल चक्र से बाहर निकालने के लिए सब्सिडियाँ की गई शुरू

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चंडीगढ़ ,15 अक्तूबर | मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार भूजल संसाधनों के संरक्षण और वैकल्पिक कृषि पद्धतियों को बढ़ावा देने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठा रही है। इन पहलों का उद्देश्य किसानों को पारंपरिक फसल चक्र, विशेष रूप से धान की खेती वाले क्षेत्रों से दूर जाने और अधिक टिकाऊ और विविध कृषि पद्धतियों को अपनाने में मदद करना है।

इस परिवर्तन का समर्थन करने के लिए, राज्य सरकार मक्का, गन्ना, कपास और सब्जियों जैसी फसलों के लिए विशेष सब्सिडी और सुविधाएं दे रही है। इसके अलावा, पशुपालन, मछली पालन और झींगा पालन जैसे कृषि सहायक व्यवसायों के लिए प्रोत्साहन हैं।

इस अभियान के हिस्से के रूप में एक नई योजना शुरू की गई है, जिसमें किसानों को वैकल्पिक खेती के तरीके अपनाने के लिए प्रति हेक्टेयर 17,500 रुपये की पेशकश की गई है। वर्ष 2024-2025 के लिए इन प्रयासों का समर्थन करने के लिए 289.87 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया गया है, जो टिकाऊ कृषि के लिए सरकार की प्रतिबद्धता को उजागर करता है।

पंजाब सरकार की नई कृषि नीति का मसौदा भूजल संरक्षण के लिए फसल विविधीकरण के महत्व पर जोर देता है। किसानों को धान के बजाय फल, सब्जियां उगाने और हर्बल किचन गार्डन स्थापित करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। ये पहल दीर्घकालिक स्थिरता को बढ़ावा देने और किसानों और पर्यावरण दोनों को लाभ पहुंचाने के लिए डिज़ाइन की गई हैं।

वैकल्पिक खेती के तरीकों को बढ़ावा देकर, पंजाब सरकार का लक्ष्य राज्य भर के किसानों के लिए बेहतर आजीविका सुनिश्चित करने के साथ-साथ प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा करना है।

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