बहराइच। यूपी के जनपद बहराइच के दौलतपुर गांव निवासी एक ग्रामीण ने घायल बेटी का इलाज झोलाछाप के यहां कराया। लड़की के पिता के मुताबित झोलाछाप डॉक्टर ने इलाज के नाम पर डेढ़ लाख रूपये भी ले लिया। लेकिन जब कोई फायदा नहीं हुआ तो लखनऊ रेफर कर दिया। जहां सड़ने की वजह से के जी एम यू के डॉक्टर ने पैर को काट दिया। पिता ने डीएम को पत्र देकर झोलाछाप के विरुद्ध कार्यवाई की मांग की थी। डी एम के निर्देश के बावजूद सीएमओ ने कोई एक्शन नहीं लिया। लेकिन जब मामला सोशल मीडिया पर वायरल हुआ तो डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने इसका संज्ञान लिया और कार्रवाई के निर्देश दिए। जिसके बाद सी एम ओ ने अस्पताल को सीज कर दिया और झोलाछाप डॉक्टर के खिलाफ एफ आई आर दर्ज कराई गई है।
दरअसल, मोतीपुर थाना क्षेत्र के ग्राम दौलतपुर निवासी अरविंद गुप्ता पुत्र श्रीचंद गुप्ता सोमवार को डीएम को शिकायती पत्र देने पहुंचे। अरविंद ने बताया कि 10 जनवरी को उनकी बेटी रिम्मी (10) को किसी अज्ञात वाहन ने टक्कर मार दी थी, जिसमें वह घायल हो गई। त्वरित इलाज के लिए रामपुर पॉली क्लीनिक एंड हेल्थ केयर सेंटर ले गया। यहां पर झोलाछाप डॉक्टर राकेश यादव ने इलाज किया। 20 दिन तक निरंतर इलाज के लिए डेढ़ लाख रुपये भी लिए गए। इसके बाद भी कोई सुधार न होने पर लखनऊ रेफर कर दिया। लखनऊ मेडिकल कॉलेज में डॉक्टरों ने रिम्मी को देखा तो बताया कि उसका गलत इलाज हुआ है। लखनऊ में आपरेशन कर पैर काट दिया गया, जिससे उसकी बेटी का जीवन खराब हो गया। ऐसे में पिता ने डीएम से जांच कराकर कार्रवाई की मांग की।
जिलाधिकारी डॉ दिनेश चंद्र ने सीएमओ डॉ सतीश कुमार सिंह को टीम गठित कर जांच कराने के निर्देश दिए थे। साथ ही प्रकरण में कार्रवाई के निर्देश दिए, लेकिन सी एम ओ की लापरवाही के कारण पिता अपनी लड़की को लेकर 3 महीनों से अधिकारियों के चक्कर लगा रहा था। पीड़ित मासूम की खबर सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद डिप्टी सीएम ने मामले का संज्ञात लिया। डिप्टी सीएम ने सी एम ओ बहराइच को फटकार लगाते हुए मामले में त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए। सी एम ओ ने तत्काल कार्रवाई करते हुए अस्पताल को सीज कर दिया और झोलाछाप डॉक्टर राकेश यादव पर एफ आई आर दर्ज कराई है।
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