चंडीगढ़, 6 नवंबर | पंजाब सरकार ने राज्य में मुख्यमंत्री तीर्थयात्रा नाम से एक नई योजना शुरू की है। सोमवार को कैबिनेट बैठक के बाद वित्त मंत्री हरपाल चीमा ने कहा कि इस योजना के तहत पंजाब के वरिष्ठ नागरिक देश के विभिन्न धार्मिक स्थलों की मुफ्त यात्रा करेंगे। यह योजना आगामी गुरुपर्व के अवसर पर लागू की जाएगी।
इसके साथ ही शहीदों की विधवाओं और अर्धसैनिक बल में सेवा के दौरान विकलांग हो जाने वाले सैनिकों को दी जाने वाली राशि भी बढ़ा दी गई है। इसके अलावा पंजाब के व्यापारियों के लिए वन टाइम सेटलमेंट स्कीम बनाई गई है। इसके साथ ही कानूनगो और पटवारियों का संयुक्त कैडर भी घोषित किया गया है।
वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि निकट भविष्य में पंजाब सरकार बुजुर्गों को ट्रेनों और बसों के जरिए धार्मिक स्थलों की यात्रा की सुविधा देगी। इस योजना के तहत वरिष्ठ नागरिकों को नांदेड़ साहिब, वाराणसी, माता नैना देवी, ज्वालाजी, सालासर धाम समेत विभिन्न धार्मिक स्थलों की मुफ्त यात्रा कराई जाएगी। इसके लिए एक उप समिति का गठन किया गया है। नियमों के अलावा बुजुर्गों को धार्मिक स्थलों पर कैसे और कब ले जाना है, इस पर अंतिम रिपोर्ट तैयार करेगी।
जंगी जागीर पेंशन में बढ़ोतरी
इसके अलावा पंजाब में पहले शहीदों की विधवाओं को युद्ध संपत्ति के तौर पर 10,000 रुपये की पेंशन दी जाती थी। अब इसे बढ़ाकर 20 हजार रुपये कर दिया गया है।
अर्धसैनिक बल में घायल लोगों के लिए सहायता राशि में बढ़ोतरी
इसके साथ ही अर्धसैनिक बलों में घायल होने पर सैनिकों को दी जाने वाली सहायता राशि भी बढ़ा दी गई है। 76 से 100% हानि वाले लोगों के लिए राशि 20 से बढ़ाकर 40 लाख कर दी गई है, 51 से 75% हानि वाले लोगों के लिए राशि 10 से बढ़ाकर 20 लाख कर दी गई है और 25 से 50% हानि वाले लोगों के लिए राशि बढ़ा दी गई है। राशि 5 से बढ़ाकर 10 लाख कर दी गई है।
कानूनगो- पटवारियों से बना एक कैडर
पांचवां फैसला कानूनगो और पटवारियों को लेकर है। आज तक कानूनगो और पटवारियों का कोई कॉमन कैडर नहीं था। राज्य में आज से पंजाब का संयुक्त कैडर गठित हो गया है।



