लुधियाना, 6 दिसंबर | पूर्व विधायक रणजीत सिंह तलवंडी हालत गंभीर होने के कारण कई दिनों से वेंटिलेटर पर थे। उन्होंने 5 दिसंबर की शाम पीजीआई चंडीगढ़ में अंतिम सांस ली। उनका अंतिम संस्कार आज उनके पैतृक गांव तलवंडी राय में होगा।
वह रायकोट से विधायक थे। वह अकाली सरकार के दौरान पीएसआईईसी के चेयरमैन भी थे। उनका जन्म 3 जुलाई 1956 को हुआ था। 5 दिसंबर 2023 को उन्होंने अंतिम सांस ली। बता दें कि रणजीत सिंह के पिता जगदेव सिंह तलवंडी शिरोमणि कमेटी और शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष थे।
एक समय में बादल, टोहड़ा और तलवंडी की तिकड़ी राजनीति की दुनिया में सबसे मजबूत मानी जाती थी। रणजीत सिंह तलवंडी ने पहली बार 1997 में रायकोट से विधानसभा चुनाव लड़ा था। लेकिन जीत नहीं सके।
वह 2002 में पहली बार विधायक बने। इसके बाद 2012 और 2017 का विधानसभा चुनाव खन्ना हलके से लड़ा। दोनों बार तलवंडी हार गई। बादल और ढींढसा के अलग होने के बाद रणजीत सिंह तलवंडी ने शिरोमणि अकाली दल छोड़ दिया और सुखदेव सिंह ढींढसा के साथ चले गये। उन्हें शिरोमणि अकाली दल (यूनाइटेड) का महासचिव बनाया गया।



