उत्तर प्रदेश, 24 फरवरी। यदि किसी भी कक्षा का छात्र किसी प्रश्न का सही उत्तर नहीं दे सकें तो आप क्या करेंगे? एक शिक्षक के तौर पर आप उसे 2-3 मौके दे सकते हैं या थोड़ी डांट-फटकार लगा सकते हैं। अब स्कूलों में थप्पड़ मारने, क्लास से बाहर निकालने या डंडे से पीटने की संस्कृति खत्म हो गई है। लेकिन कुछ शिक्षक अभी भी बच्चों की पिटाई नहीं छोड़ रहे हैं। उत्तर प्रदेश के लखनऊ के पास हरदोई में एक शिक्षक ने एक बच्चे को इतनी बुरी तरह पीटा कि उसका पैर टूट गया।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पिटाई के बाद बच्चे का पैर फ्रैक्चर हो गया है और उसे सुनने में भी दिक्कत हो रही है। आरोप है कि टीचर ने छात्र को जाति के आधार पर गालियां भी दीं। बाद में उसके साथी सहपाठी उसे घर ले गए। इसके बाद छात्र की मां ने टीचर के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। यह घटना हरदोई के बिलग्राम थाना क्षेत्र के बिरौरी गांव की बताई जा रही है। ये पूरा मामला एक निजी स्कूल का है।
आखिर क्या थी वजह?
कक्षा मे एक प्रश्न पूछा। छात्र इसका सही उत्तर नहीं दे सका। ऐसे में इस प्राइवेट स्कूल टीचर ने कथित तौर पर उसे मुर्गा बना दिया और फिर उसके ऊपर चढ़ गया। इससे छात्र के शरीर पर काफी वजन पड़ा और उसका पैर टूट गया। इस दौरान छात्र दर्द से चिल्लाता रहा। अध्यापक 10 साल के रोते हुए बच्चे को छोड़ कर कक्षा से बाहर चले गए। फिर छात्र के दोस्त उसे घर ले गए।
बच्चे को ऐसी हालत में देख मां तुरंत उसे बिलग्राम सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) ले गई। लेकिन वहां डॉक्टरों ने बच्चे की हालत को देखते हुए उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया। पीड़िता की मां के आरोपों के मुताबिक जब वह स्कूल में शिकायत करने गई तो टीचर ने पिटाई की बात को सिरे से खारिज कर दिया। तब उन्होंने इलाज के लिए 200 रुपये वसूले। मीडिया से बात करते हुए छात्र ने बताया कि हर्षित नाम के टीचर ने उसे बुरी तरह पीटा।



