डा. कारी यूसुफ ने कहा कि आज़ाद हिंद फौज के महानायक व स्वतंत्रता सेनानी मेजर जनरल शाहनवाज़ हुसैन, कर्नल गुरबख्श सिंह ढिल्लन, कर्नल प्रेम सहगल जी ने ब्रिटिश सेना के वजूद को हिला दिया था। अंग्रेज़ों ने इन तीनों सेनानियों पर लाल किले में मुकदमा चलाया, तब देश में एक आवाज़ बड़े ज़ोश से उठी
लाल किले से आई आवाज़
ढिल्लन, सहगल शाहनवाज़
और अंग्रेज़ों की उलटी गिनती शुरू हो गई। डा. कारी यूसुफ ने कहा कि वे लोग अमर हो जाते हैं जो देश के लिए जीते एवं देश के लिए मरते हैं।
मेजर जनरल शाहनवाज़ ने ही सब से पहले लाल किले से अंग्रेज़ों का झंडा (यूनियन जैक) उतार कर भारतीय तिरंगा झंडा लहराया था। इस मौके पर जिला कलेक्टर रविंद्र कुमार चौधरी, जेल अधीकक्षक डा. विजय सिंह ने विशाल मशाल यात्रा भी निकाली।
कलेक्टर साहिब ने भारत श्री डा. कारी यूसुफ को सम्मान पत्र देकर सम्मानित किया। वहीं इस अवसर पर सी.आर.पी एफ के कमांडेंट अधिकारी एवं आई.टी.बी.पी के कमांडेंट अधिकारी अनिल डबराल जी ने कारी यूसुफ को मोमेंटो देकर सम्मानित किया।
इस मौके पर ढिल्लन साहिब के बेटे सर्बजीत सिंह ढिल्लन ने कहा कि कर्नल साहिब हमेशा देश भक्ति से भरे रहते थे। वहीं उनकी बेटी डा. अमरजोत ने कहा कि हम सब ढिल्लन साहिब को तातू कह कर बुलाते थे।
इस अवसर पर विशेष रुप से सी.आर.पी.एफ आई.टी.बी.पी करेरा एवं पुलिस के बड़े अधिकारियों के साथ राज्य मंत्री परलांद भारती चेयरमैन डा. कबीर टाईगर,जाबिर चौधरी,ढिल्लन साहिब के पोते कर्नल ढिल्लन एवं कई गणमानय व्यक्ति मौजूद रहे।




