फिरोजपुर, 6 नवंबर | पंजाब सरकार ने किसानों से धान की पराली में आग न लगाने की अपील की थी, लेकिन फिर भी किसान लगातार धान की पराली में आग लगा रहे हैं, जिससे आए दिन सड़कों पर हादसे हो रहे हैं।
ऐसा ही एक मामला सीमावर्ती सवाया राय गांव में सामने आया है, जहां मां-बेटे कड़ी मेहनत के बाद अपने घर लौट रहे थे और जब वे रास्ते में पहुंचे तो किसान ने उनके खेत में धान के पुआल में आग लगा दी।
शाम का समय होने के कारण धुआं इतना ज्यादा था कि परमजीत सिंह के बेटे संदीप सिंह को कुछ दिखाई नहीं दिया और उसकी हीरो हांडा मोटरसाइकिल आग की उठती लपटों में गिर गई और उसके हाथ-पैर झुलस गए। जब उसकी मां सुनीता रानी ने अपने बेटे को बचाने की कोशिश की तो उसके भी हाथ-पैर झुलस गए।
इस मौके पर पीड़ित मां-बेटे ने बताया कि वे लोग मेहनत-मजदूरी कर पास के लछमन नहर से घर लौट रहे थे, जब वे सवाया राय उत्तर गांव के पास पहुंचे तो वहां के किसान ने अपने धान के पुआल में आग लगा दी थी। जिससे रास्ता अवरुद्ध हो गया और धुएं के कारण उन्हें कुछ दिखाई नहीं दिया, जिसके कारण वे आग का शिकार हो गए और उनके हाथ-पैर झुलस गए। जिसके बाद पीड़ित मां-बेटे को इलाज के लिए सिविल अस्पताल गुरुहरसहाय ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें सिविल अस्पताल फिरोजपुर रेफर कर दिया, जहां उनका इलाज चल रहा है।



