पंजाब, 29 जुलाई | भारत में किसान आंदोलन 2.0 की आहट सुनाई दे रही है। दरअसल, संयुक्त किसान मोर्चा ने 15 अगस्त यानी स्वतंत्रता दिवस को ट्रैक्टर मार्च निकालने का ऐलान किया है। साथ ही किसानों ने हरियाणा सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन की भी घोषणा की है। खास बात है कि राजधानी दिल्ली में साल 2021 में गणतंत्र दिवस के दौरान ट्रैक्टर रैली का आयोजन किया था, जिसके चलते भारी हिंसा और तोड़फोड़ की खबरें सामने आई थीं।
वहीं इस मामले को लेकर जालंधर में किसानों ने ट्रैक्टर मोडिफाई अभी से करने शुरू कर दिए है। मामले की जानकारी देते हुए किसान ने कहा ट्रैक्टर मार्च को लेकर वह ट्रैक्टर को मोडिफाई कर रहे है। किसान ने कहा कि 13 फरवरी से उन्हें हरियाणा सरकार द्वारा रोका गया है। उन्होंने कहा कि नए 3 काले कानून को लेकर रोष प्रदर्शन करना है। उन्होंने कहा कि पहले जिले में डीसी साहिब धारा 144 लागू करते थे, लेकिन अब डीसी साहिब की जगह डिप्टी साहिब को वह पॉवर दे दी है। उन्होंने कहा कि यह खतरनाक कानून किसान और आम जनता के लिए लाए जा रहे है। किसान नेता ने कहा कि उन्होंने 15 अगस्त इसलिए चुना है कि अगर वह आजाद होते तो क्यों नहीं उन्हें शांतमयी ढंग से दिल्ली जाकर प्रदर्शन करने दिया जाता।
किसान नेता हरसुरिंदर सिंह ने कहा कि हरियाणा सरकार द्वारा काफी समय से बॉर्डर को बंद किया हुआ है, जिससे व्यापारी वर्ग सहित आम जनता को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं सरकार से साथ किसानों की मीटिंग को लेकर उन्होंने कहा कि वह मीटिंग करने के लिए तैयार है, लेकिन सरकार क्यों नहीं दोबारा उनके साथ मीटिंग कर रही। वहीं उन्होंने कहा कि 3 काले कानून को लेकर पीएम नरेंद्र मोदी ने खुद वापिस लेने का आश्वासन दिया था, लेकिन अब तक क्यों नहीं वापिस लिए गए। वहीं तजिंदर ने बताया कि इस ट्रैक्टर में बंपर मोडिफाई किए गए है, दरअसल, पिछली बार बंपर को काफी नुक्सान हुआ था। वहीं ट्रैक्टर की पॉवर को बढ़ाया गया है।
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