रानी महल मालेरकोटला में मुफ्ती मुहम्मद खलील कासमी, मुफ्ती इरकिकाउल हसन कांधलवी एवं डॉ. नसीर अहमद का संबोधन
मालेरकोटला,17 जुलाई। डॉ. नसीर अहमद और उनके सहयोगियों के प्रयासों की बदौलत मालेरकोटला के पास रानी महल में एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसकी अध्यक्षता प्रसिद्ध आलिम ए दीन मुफ्ती मुहम्मद खलील कासमी अध्यक्ष जमीयत उलमा पंजाब व चेयरमैन राज्य हज कमेटी ने की। जबकि विशेष अतिथि के रूप में पंजाब के मुफ्ती ए आजम और ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के सदस्य मुफ्ती इरतिकाउल हसन का कांधलवी एवं मुफ्ती मुहम्मद आरिफ लुधियानवी संयोजक जमीयत उलेमा हरियाणा- पंजाब शामिल हुए।और मुहम्मद इजाज मालेरकोटलवी उद्घोषक रहे।
मुफ्ती मुहम्मद खलील कासमी ने अपने अध्यक्षीय भाषण में लड़कियों के धर्मत्याग के बढ़ते मामलों पर चिंता व्यक्त की और कहा कि धर्मत्याग को रोकने के लिए हमें अपने स्वयं के स्थायी कॉलेज और स्कूल बनाने के साथ.साथ बच्चियों द्वारा मोबाइल फोन के इस्तेमाल पर भी गंभीरता से विचार करना चाहिए, क्योंकि इस धर्मत्याग के ज्यादातर दरवाजे मोबाइल फोन और सोशल मीडिया के जरिए खुलते हैं और इसके लिए घर में धार्मिक माहौल का होना बहुत जरूरी है घर में प्रामाणिक विद्वानों की पुस्तकें सुनने का सामान्य वातावरण स्थापित करना चाहिए।
मुफ्ती इरतिका-उल-हसन कांधलवी ने कहा कि मकातिब प्रणाली को मजबूत करना और पड़ोस के हर बच्चे और बच्ची को मकतब से जोड़ना और युवा लड़कों- लड़कियों को शरीयत के दायरे में रह कर इलम ए दीन के जेवर से आरास्ता करना वक्त की सबसे बड़ी जरूरत है।
अपने मुख्य भाषण में डॉ. नसीर अहमद ने धर्मत्याग के कारणों पर विस्तार से प्रकाश डाला और मालेरकोटला में लड़कियों के धर्मत्याग की घटनाओं का उल्लेख किया और उन्होंने कहा कि हमें इस घातक महामारी के खिलाफ हमें विभिन्न मोर्चों पर काम करना होगा समसामयिक स्कूलों के शिक्षकों और मिल्ली एवं सामाजिक नेताओं और कार्यकर्ताओं तथा मुस्लिम वकीलों सभी को इस संबंध में अपनी सेवाएं देनी होंगी।
मुफ्ती मुहम्मद आरिफ लुधियानवी जमीयत उलेमा हरियाणा और पंजाब के संयोजक ने इस महत्वपूर्ण कार्य को एक मिशन और आंदोलन के रूप में शुरू करने और धर्मत्याग की रोकथाम से संबंधित कुछ कार्यों के लिए डॉ. नसीर अख्तर और उनके सहयोगियों मुहम्मद एजाज आदि को धन्यवाद दिया। डॉ. नसीर अख्तर की सेवाओं के लिए उन्होंने कहा कि जिस प्रकार उन्होंने सिख धर्म पर अपने व्यापक अध्ययन और देश के भाइयों के साथ अपने मजबूत संबंधों का उपयोग धर्म और राष्ट्र की सेवा के लिए किया है, यह हमारे लिए भी अनुकरण के योग्य है।




