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भारी बारिश के दौरान भी सतलुज नदी पर धूसी बांध को बांधने का कार्य चलता रहा- बाढ़ पीड़ितों पर दोहरी मार

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Svg%3Eसंत सीचेवाल ने पंजाब के लोगों से फिर से मिट्टी की बोरी और डीजल की सेवा करने की अपील की

सुल्तानपुर लोधी, 23 जुलाई( डा.सुनील धीर) सतलुज नदी के धूसी बांध पर गट्टा मुड्डी कासू के पास पढ़े पर को भारी बारिश के दौरान भी पूरने की कार सेवा जारी रही। बारिश और हवा इतनी तेज़ थी कि वहां खड़ा होना भी मुश्किल हो रहा था। धूसी बांध पर भारी बारिश भी बांध के निर्माण में लगे युवाओं के हौसलों को कम नहीं कर सकी। सेवादार बारिश की परवाह किए बिना बोरों से बने गड्ढों को पानी लगातार धकेलते रहे। बांध बांधने के कार्य का नेतृत्व कर रहे पर्यावरणविद् एवं राज्यसभा सदस्य संत बलबीर सिंह सीचेवाल ने भारी बारिश में भी लगातार अगवाई करते रहे और क्रेन चलाते रहे।

जलस्तर बढ़ने से तटबंध से सटे गांवों की सड़कें भी दो से ढाई फीट तक पानी में डूब गयीं, जिससे मिट्टी की ट्रॉलियां तटबंध बड़ी मुश्किल से पहुंच रही थी। जिसके चलते अलग-अलग गांवों से आई मिट्टी की ट्र्रॉलीयों को गांव कंग खुर्द की दाना मंडी में उतारनी पड़ीं, क्योंकि सड़कों पर पानी बहने से हादसा हो सकता था। करीब 5 घंटे तक चली इस भारी बारिश के कारण एक बार बन रहा बांध को पानी ने धकेला, लेकिन संत सीचेवाल और युवाओं ने तुरंत मिट्टी की बोरियों से उसे मजबूत किया। धूसी बांध पर लगे दो अस्थायी टेंटों में रखा सामान भी भीग गया।

ड्रेनेज विभाग के अधिकारियों ने बताया कि 30 फीसदी काम पूरा हो चुका है। जहां संत सलबीर सिंह सीचेवाल जी के नेतृत्व में बांध का काम चल रहा है, अब तक 155 फीट बांध का काम पूरा हो चुका है, वहीं दूसरी ओर ड्रेनेज विभाग का काम चल रहा है, जिससे बांध का काम सिर्फ 75 फीट ही पूरा हो सका है। ड्रेनेज विभाग के अधिकारियों का कहना है कि पानी की गहराई करीब 30 फीट होने के कारण समय लग रहा है।

यह बांध लगभग 925 फीट चौड़ा है। दोपहर में बारिश कम होते ही ट्रॉलियां फिर से तटबंध पर आनी शुरू हो गईं। इस मौके पर संत सीचेवाल ने कहा कि इस समय सबसे बड़ी चुनौती सतलुज नदी में बढ़ता पानी है। उन्होंने कहा कि इस बाढ़ के कारण अपना घर और सामान खोने वाले पीड़ितों को भी दोहरी मार झेलनी पड़ी है। फिलहाल उनके पास सिर ढकने के लिए छत की जगह सिर्फ तिरपाल है।
बॉक्स आइटम: धूसी बांध पर बाढ़ पीड़ितों के मवेशियों के लिए चारा ले जा रही ट्रॉलियां भी कई जगहों से धस गयीं थी, जिन्हे निकालने के लिए दो ट्रैक्टर लगाए गए ताकि तटबंध के काम में कोई बाधा न आए। भारी बारिश में भी पूरे पंजाब से लोग मिट्टी की ट्रॉलियों, राशन और रसत लेकर इस तटबंध पर पहुंचते रहे।
बॉक्स आइटम: संत बलबीर सिंह सीचेवाल ने बांध के पूरा होने के लिए राहत सामग्री लाने वाले पंजाब के लोगों से प्राथमिकता के आधार पर अपने-अपने क्षेत्रों से मिटी से भरे बोरों और बांध बांधने के लिए एक्सकैवेटर जेसीबी और ट्रैक्टर ट्रॉलियों के लिए डीजल सेवा प्रदान करने की अपील की। उन्होंने कहा कि पंजाब के लोगों में सेवा की अपार भावना है और उनकेķ काम तेजी से चल रहा है।

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