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ईटीटी टीचर का फर्जी बीसी सर्टिफिकेट और पंच का फर्जी एससी सर्टिफिकेट रद्द

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चंडीगढ़, 9 नवंबर | मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार राज्य की अनुसूचित जातियों के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। इस दिशा में काम करते हुए जसवीर सिंह पुत्र निशान सिंह निवासी घनूर, तहसील जिला पटियाला (ईटीटी टीचर पोस्टिंग बलटाना जीरकपुर एसएएस नगर) का फर्जी पिछड़ा वर्ग प्रमाणपत्र और पंच मिट्ठू राम पुत्र जानी राम गांव सुराल कलां, जिला का फर्जी अनुसूचित जाति प्रमाणपत्र शामिल हैं। शासन स्तर पर गठित राज्य स्तरीय स्क्रूटनी कमेटी ने पटियाला के आवेदन को खारिज कर दिया है।

सामाजिक न्याय, अधिकारिता एवं अल्पसंख्यक मंत्री डाॅ. बलजीत कौर ने कहा कि बलवीर सिंह पुत्र निर्मल सिंह गांव आलमपुर, पटियाला ने निदेशक सामाजिक न्याय, अधिकारिता एवं अल्पसंख्यक विभाग के पास शिकायत दर्ज कराई थी कि जसवीर सिंह हरियाणा से आया था और शादी के बाद यहां का निवासी बन गया और उसने राज्य छोड़ दिया है। पंजाब का। श्रेणी प्रमाण पत्र बनाया गया है।

इसी सर्टिफिकेट के आधार पर उन्हें शिक्षा विभाग में शिक्षक की नौकरी मिली है। शिकायतकर्ता ने जसवीर सिंह का पिछड़ा वर्ग प्रमाण पत्र निरस्त कर उसके खिलाफ कार्रवाई करने को लिखा है। कैबिनेट मंत्री ने कहा कि इसी तरह पाला सिंह, जसविंदर सिंह और हरनीत सिंह सभी निवासी गांव सुराल कलां तहसील राजपुरा जिला पटियाला ने निदेशक सामाजिक न्याय, अधिकारिता और अल्पसंख्यक विभाग को शिकायत दर्ज कराई कि मिट्ठू राम पुत्र जानी राम पंच ग्राम पंचायत सुराल कलां तहसील राजपुरा जिला पटियाला राजपूत जाति से संबंधित है लेकिन उसे अनुसूचित जाति (यूडी) प्रमाण पत्र जारी किया गया है। इस प्रमाण पत्र के आधार पर उनका चयन सुराल कला के पंच के रूप में किया गया। शिकायतकर्ताओं ने मिट्ठू राम का प्रमाणपत्र रद्द करने और उसके खिलाफ कार्रवाई के लिए लिखा है।

मंत्री ने आगे कहा कि इस मामले को लेकर सामाजिक न्याय, अधिकारिता एवं अल्पसंख्यक विभाग और डिप्टी कमिश्नर पटियाला से रिपोर्ट मांगी गई थी। इस मामले की जांच करने पर पता चला कि जसवीर सिंह की जाति पिछड़ा वर्ग है, लेकिन वह बाहर से आकर यहां के निवासी बन गये। इसलिए सरकार के निर्देशानुसार वह पंजाब में पिछड़ा वर्ग प्रमाण पत्र का लाभ नहीं उठा सकते। इसलिए, पंजाब के स्थायी निवासी के रूप में जसवीर सिंह के पिछड़ा वर्ग प्रमाण पत्र को रद्द करने का निर्णय लिया गया है।

उन्होंने कहा कि इसी प्रकार मिठू राम के मामले की जांच करने पर यह पाया गया कि मिठू राम अपने स्कूल रिकॉर्ड, कुर्सीनाम और नंबरदारों के बयानों के अनुसार राजपूत जाति से है, लेकिन उसने अनुसूचित जाति का प्रमाण पत्र पेश किया है। मिट्ठू राम को विजिलेंस सेल ने रिपोर्ट पढ़ने के लिए 22, 28 जून, 24 अगस्त और 1 सितंबर को उपस्थित होने को कहा था, लेकिन वह उपस्थित नहीं हुए। इसलिए जिला सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता अधिकारी, पटियाला की रिपोर्ट पर विचार करते हुए मिट्ठू राम पुत्र जानी राम का अनुसूचित जाति प्रमाण पत्र रद्द करने का निर्णय लिया गया है।

मंत्री ने कहा कि पटियाला के उपायुक्त को जसवीर सिंह पुत्र निशान सिंह का पिछड़ा वर्ग प्रमाणपत्र संख्या 189 दिनांक 28.01.2014 और मिट्ठू राम का अनुसूचित जाति प्रमाणपत्र संख्या प्राप्त हुआ है। 1724 दिनांक 25.11.1997 द्वारा निरस्तीकरण एवं जब्ती का आदेश दिया गया है। इसी प्रकार, विभाग द्वारा डीपीआई (एलिमेंटरी एजुकेशन) जसवीर सिंह पुत्र निशान सिंह (ईटीटी टीचर पोस्टिंग बलटाना जीरकपुर एसएएस नगर) बीसी को बनाया गया। प्रमाण पत्र के आधार पर लिया गया लाभ वापस लेने के निर्देश दिए गए हैं।

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