चंडीगढ़ः संपत्ति मालिक व किरायेदार के कोर्ट केस के बीच बिजली काट दिए जाने के एक मामले में पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने अहम टिप्पणी करते कहा कि बिजली जीवन यापन के अधिकार का अभिन्न अंग है। ऐसे में किरायेदार के साथ संपत्ति खाली कराए जाने को लेकर केस के चलते बिजली काट देना अनुचित है। जस्टिस मंजरी नेहरू कौल ने ऐसे ही एक मामले में किरायेदार की सशर्त बिजली बहाल किए जाने के आदेश दिए हैं।
हाईकोर्ट ने फैसले में कहा कि निचली अदालत में प्राॅपर्टी के केस को लेकर मेरिट पर वे कोई टिप्पणी नहीं कर रहे लेकिन बिजली मूलभूत सुविधा है जिससे किसी को वंचित नहीं किया जा सकता। ऐसे में निचली अदालत में विचाराधीन मामले के चलते बिजली काट देना सही नहीं है, लिहाजा बिजली बहाल की जाए।



