○ अगर रज़ा में रहोगे तो फ़ाएदा होगा
ख़ुदा का शुक्र करोगे तो फ़ाएदा होगा
○ अना की आग में जलने से कुछ नहीं होगा
चराग़ बन के जलोगे तो फ़ाएदा होगा
○ क़दम – क़दम पे तुम्हें लोग मशवरे देंगे
जो अपने दिल की सुनोगे तो फ़ाएदा होगा
○ अकेले चलने से मंज़िल नहीं मिला करती
किसी के साथ चलोगे तो फ़ाएदा होगा
○ उदास लोगों से दुनिया गुरेज़ करती है
सभी से हंस के मिलोगे तो फ़ाएदा होगा
○ बड़ों के पास बहुत तजरिबा है जीने का
बड़ों की क़द्र करोगे तो फ़ाएदा होगा
○ यह मशवरा है अगर ज़िन्दगी के चेहरे में
वफ़ा के रंग भरोगे तो फ़ाएदा होगा
○ हमारी ग़ज़लें भी नज़दीक हैं हक़ीक़त के
“कशिश” इन्हें भी पढ़ोगे तो फ़ाएदा होगा(कशिश होशियारपुरी)




