डॉ अंबेडकर के राजनीतिक योगदान और उनके राजनीतिक क़द का आज की पीढ़ी को अंदाज़ा नहींः नैशनल ह्यूमन राईटस सोशल जस्टिस फ्रंट
नई दिल्ली। डॉ. बाबा साहब अंबेडकर के जयंती के विशेष अवसर पर नैशनल ह्यूमन राईटस सोशल जस्टिस फ्रंट के समूह पदाधिकारियों ने उन्हें याद किया। इस मोैके पर नैशनल ह्यूमन राईटस सोशल जस्टिस फ्रंट के राष्ट्रीय अध्यक्ष,वरिष्ठ जर्नलिस्ट मोैलाना अनवर अमृतसरी,कासमी,नदवी ने कहा कि डॉ. बाबा साहब अंबेडकर को भारत के सर्वश्रेष्ठ राजनेताओं में शामिल किया जाता है। बाबासाहेब ने कई राजनीतिक दल गठित किए थे। वह विधायक, सांसद, मंत्री और संविधान सभा के सदस्य भी थे।
भारतीय राजनीति में क़रीब 36 साल तक सक्रिय रहे डॉ भीमराव अंबेडकर सामाजिक न्याय के बड़े योद्धा थे। उन्हें जीवन भर राजनीति की धूप छांव झेलनी पड़ी। डॉ बाबा साहब अंबेडकर के राजनीतिक सफ़र में उनकी जो सबसे बड़ी ताक़त थी, वही उनके लिए हमेशा कमज़ोरी साबित हुई। उन्होंने भारत के सभी वंचितों, शोषितों, महिलाओं के लिए काम किया लेकिन उन्हें केवल दलितों के नेता के रूप में जाना गया। बाबासाहब ने महाराष्ट्र के एक गरीब दलित परिवार से निकल कर अपना राजनीतिक करियर शुरू किया था।
आज की पीढ़ी को डॉ अंबेडकर के राजनीतिक योगदान और उनके राजनीतिक क़द का अंदाज़ा भले नहीं हो, लेकिन अब तक के गैर कांग्रेसी नेताओं में वे सबसे पावरफ़ुल नेता माने जाते है। अपनी विद्वत्ता एवं योग्यता के बल पर वे प्रधानमंत्री बनने की हैसियत रखते हैं, हालांकि प्रधानमंत्री या अर्थमंत्री जैसे पावरफ़ुल मंत्रालयों की कमान उनके ज़िम्मे नहीं आई।




