नई दिल्ली। डायबिटीज एक गंभीर बीमारी है, जो वर्तमान समय में महामारी की तरह फैल रही है। भारत में 10 करोड़ से ज्यादा लोग इस बीमारी का शिकार हो चुके हैं, जबकि 13 करोड़ से अधिक लोग प्रीडायबिटीज से जूझ रहे हैं। डायबिटीज की बीमारी दुनियाभर में तेजी से फैल रही है और हर साल लाखों की तादाद में लोग इसकी वजह से जान गंवा रहे हैं। डायबिटीज होने पर लोगों का ब्लड शुगर लेवल बढ़ जाता है, जो शरीर के अंगों को धीरे-धीरे डैमेज करना शुरू कर देता है।
यह ऐसी बीमारी है, जो एक बार हो जाए, तो जिंदगीभर इसे कंट्रोल करना पड़ता है। डायबिटीज को लेकर लोगों के दिमाग में कई बड़ी गलतफहमी हैं। अधिकतर लोग मानते हैं कि डायबिटीज की बीमारी अत्यधिक मीठा खाने से हो जाती है। हालांकि यह बात सच नहीं है। शुगर की बीमारी होने की कई वजह होती हैं, जो सभी को जान लेनी चाहिए। आज डॉक्टर से जानेंगे कि डायबिटीज ज्यादा मीठा खाने से हो सकती है या नहीं।
नई दिल्ली के मैक्स हॉस्पिटल पीतमपुरा की पूर्व कंसल्टेंट (फैमिली मेडिसिन) डॉ. विभा मेहता के अनुसार डायबिटीज की बीमारी होने की कई वजह हो सकती हैं, लेकिन यह कहना सही नहीं होगा कि ज्यादा मीठा खाने से लोगों को डायबिटीज हो सकती है। अत्यधिक मीठा खाने की वजह से केवल उन लोगों को डायबिटीज हो सकती हैं, जो प्रीडायबिटीज से जूझ रहे हैं या जिन्हें डायबिटीज का खतरा ज्यादा है।
जो लोग पूरी तरह स्वस्थ हैं, उन्हें मीठा खाने से शुगर की बीमारी होने का खतरा नहीं होता है। अभी तक यह बात प्रूव नहीं हो सकी है कि ज्यादा मीठा खाना सीधे तौर पर डायबिटीज की वजह बन सकता है। हालांकि जिन लोगों को शुगर की बीमारी का खतरा ज्यादा है, उन्हें सावधानी बरतनी चाहिए और मीठे का सेवन कम से कम करना चाहिए।
डॉ. विभा मेहता कहती हैं कि डायबिटीज की प्रमुख वजह खराब लाइफस्टाइल, अनहेल्दी खान-पान, मोटापा, जेनेटिक कारण और फिजिकल एक्टिविटी की कमी हैं। डायबिटीज की फैमिली हिस्ट्री वाले लोगों को इसका खतरा सबसे ज्यादा होता है। कुछ दवाइयां और स्टेरॉयड्स लेने की वजह से भी शुगर की बीमारी हो सकती है। अल्कोहल का ज्यादा सेवन करने से भी यह बीमारी हो सकती है। इसके अलावा पैंक्रियाज में कोई दिक्कत या अन्य मेडिकल प्रॉब्लम भी डायबिटीज का मरीज बना सकती हैं।
प्रीडायबिटीज वाले लोगों को डायबिटीज का जोखिम होता है। प्रीडायबिटीज एक ऐसी कंडीशन है, जिसमें व्यक्ति का ब्लड शुगर लेवल नॉर्मल से ज्यादा हो जाता है, लेकिन डायबिटीज वाले स्तर से कम होता है। ऐसे लोग सावधानी न बरतें, तो कुछ सालों में उन्हें डायबिटीज हो सकती है। हालांकि अत्यधिक सतर्कता और डॉक्टर की सलाह से प्रीडायबिटीज की कंडीशन को रिवर्स किया जा सकता है, जबकि डायबिटीज होने पर उसे रिवर्स करना पॉसिबल नहीं है। इलाज के जरिए डायबिटीज को केवल कंट्रोल किया जा सकता है।
कैसे कम करें डायबिटीज का खतरा
1. हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाएं
2. अच्छा और हेल्दी खाना खाएं
3. प्रतिदिन एक्सरसाइज करें
4. अपने वजन को कंट्रोल करें
5. एल्कोहल का सेवन कम करें
6. समय-समय पर हेल्थ चेकअप कराएं।



