मानसा। प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन ने बेहद विवादित फैसला लिया है। एसो का कहना है कि जिन बच्चों के परिवार के सदस्य नशा तस्करी के धंधे में शामिल होंगे, उन्हें स्कूल में दाखिला नहीं मिलेगा। स्कूल एसोसिएशन का कहना है कि इससे नशा तस्करों पर दबाव बढ़ेगा और इससे कुछ हद तक नशा बंद होगा।
हालांकि स्कूल एसोसिएशन के इस फैसले का हर तरफ से विरोध होने लगा है। सोशल मीडिया पर तरह-तरह के कमेंट्स आ रहे हैं कि क्या नशा तस्करों के बच्चों को पढ़ने का अधिकार नहीं , क्या नशा तस्करों के बच्चों को समाज की मुख्यधारा से वंचित किया जा रहा है।
कई लोग ये भी कमेंट कर रहे हैं कि ड्रग तस्करों की सजा उनके बच्चों को क्यों दी जा रही है। लोगों के विरोध और स्कूल एसोसिएशन के फैसले के बाद प्राइवेट स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों के अभिभावक भी विरोध कर रहे हैं।



