मजलिस अहरार पिछले 15 दिनों से लगातार बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत कार्य कर रही है: अब्दुल नूर
अमृतसर,22 सितम्बर। पंजाब में बाढ़ग्रस्त इलाकों में मुश्किल हालात में फंसे हुए लोगों की मदद करने के लिए जहां अलग अलग संस्थाओं द्वारा बढ़चढ़ कर राहत कार्य किए जा रहे हैं वहीं मुस्लिम समुदाय द्वारा भी पंजाब के बाढ़ग्रस्त इलाकों में राहत कार्यों में बढ़चढ़कर हिस्सा लिया जा रहा है मजलिस अहरार इस्लाम ए हिंद के पंजाब प्रधान अब्दुल नूर की अगुवाई में अमृतसर के अजनाला हल्के के बाढ़ग्रस्त इलाकों में पिछले 15 दिनों से लगातार राहत कार्य किए जा रहे हैं।
पत्रकारों से बातचीत के दौरान मजलिस अहरार प्रधान अब्दुल नूर ने बताया कि बाढ़ आने के बाद से ही लगातार अजनाला के आसपास के गांवों और डेरा बाबा नानक के कई इलाकों में रोजाना मस्जिद सिकंदर खान अमृतसर से उनके द्वारा राहत सामग्री भेजी जा रही है। नूर ने बताया कि देश के अलग अलग राज्यों खासतौर पर उत्तर प्रदेश दिल्ली हरियाणा भोपाल आदि से बड़ी संख्या में मुस्लिम समाज के लोग राहत सामग्री लेकर पहुंच रहे हैं। और इस राहत सामग्री को शाही इमाम पंजाब मोलाना उस्मान रहमानी लुधियानवी साहब की रहनुमाई में पूरे पंजाब में बाढ़ग्रस्त इलाकों में भेजा जा रहा है।
नूर ने बताया कि शाही इमाम पंजाब और सदर मजलिस अहरार इस्लाम ए हिंद हज़रत मोलाना उस्मान रहमानी लुधियानवी साहब की अपील पर बढी संख्या में मुस्लिम समाज के लोगों ने इन राहत कार्यों में हिस्सा लिया है। नूर ने बताया कि उसी कड़ी में आज मध्यप्रदेश के भोपाल से कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद ने राहत सामग्री के 10 ट्रक पंजाब भेजे जिनमें से 2 ट्रक फिरोजपुर जबकि 2 ट्रक राहत सामग्री अमृतसर के बाढ़ग्रस्त इलाकों में भेजी गई है। जबकि 6 ट्रक राहत सामग्री के आरिफ मसूद फैंस क्लब के प्रधान अब्दुल नफीस और फैसल और उनकी टीम ने अहरार प्रधान अब्दुल नूर की अगुवाई में शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी और श्री दरबार साहिब के मैनेजर जनाब सरदार भगवंत सिंह जी के हवाले की।
इस मौके पर अहरार प्रधान अब्दुल नूर ने कहा कि आगे भी यह खिदमत जारी रहेगी। इस मौके पर श्री दरबार साहिब के मैनेजर जनाब सरदार भगवंत सिंह जी ने कहा कि यह सामग्री जल्द ही जरूरतमंद लोगों तक पहुचा दी जाएगी। इस मौके पर जनाब हरमीत सलूजा जतिंदर भाटिया मोलाना जव्वाद मोलाना अरशद के अलावा आरिफ मसूद फैंस क्लब की पूरी टीम मोजूद थी। इस मौके पर अब्दुल नूर और उनके साथियों को सम्मानित भी किया गया।



