लुधियाना। लुधियाना पुलिस के सामने कुख्यात गैंगस्टर पुनीत बैंस और जतिंदर जिंदी ने बड़े खुलासे किए हैं। उन्होंने कहा कि वे ट्रेस होने से बचने के लिए बार-बार अपनी लोकेशन बदल रहे थे। उन्होंने अपनी फरारी के दौरान मोबाइल फोन का इस्तेमाल करने से परहेज किया।
पुनीत बैंस और जतिंदर जिंदी को कुछ दिन पहले लुधियाना पुलिस ने गिरफ्तार किया था। उनके पास से कुल 9 अवैध पिस्तौल, गोला-बारूद बरामद किया गया था। जिंदी की पुलिस को 18 मामलों में तलाश थी, वहीं पुनीत बैंस पर 12 केस दर्ज थे। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक फरारी के दौरान वे अलग-अलग स्थानों पर रुके थे। पुनीत बैंस जीरकपुर के पास छिप गया था, जबकि जतिंदर जिंदी होशियारपुर के पास घूमता रहा।
पकड़े जाने के डर से नहीं इस्तेमाल किया मोबाइल
बदमाशों ने पुलिस को यह भी बताया कि पकड़े जाने से बचने के लिए उन्होंने मोबाइल फोन का इस्तेमाल नहीं किया। वे बहुत कम लोगों से मिले। वे कई बार लुधियाना आए, लेकिन अधिकतर रात के समय और थोड़े समय के लिए। इसके अलावा आरोपियों ने पुलिस को बताया कि उनके कई विरोधी हैँ। इसलिए वे उन सभी को खत्म करने के लिए हथियार इकट्ठा कर रहे थे।
पुलिस मुताबिक गैंगस्टरों से और भी अहम जानकारी मिलने की उम्मीद है। विभिन्न थानों की पुलिस गैंगस्टरों को उनके खिलाफ दर्ज मामलों में पूछताछ के लिए प्रोडक्शन वारंट पर लाएगी। इनके गिरोह के कुछ सदस्य पहले से ही विभिन्न मामलों में जेल में हैं। जिंदी एक समय कुछ पुलिस अधिकारियों का बहुत करीबी था।
जिंदी ने पुलिस चौकी बनवाने का किया था दावा
फरार होने के दौरान एक वीडियो जारी कर पुलिस पर फर्जी मामले में फंसाने का आरोप जिंदी ने लगाया था। जिंदी ने दावा किया था कि उन्होंने पुलिस चौकी के निर्माण के लिए अपनी जेब से 10 लाख रुपए खर्च किए। उसने यह भी आरोप लगाया था कि पुलिस उन्हें बुरा चरित्र घोषित करने की कोशिश कर रही है, जबकि उन्होंने एक बार एक परिवार के सदस्यों को शांत करने में पुलिस की मदद की थी, जो एक सड़क दुर्घटना में अपने बेटे को खोने के बाद पुलिस के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे थे।



