कीनिया। दुनिया के अधिकांश धर्म बहुविवाह पर रोक लगाते हैं। केवल इस्लाम और ईसाई धर्म ही बहुविवाह कर सकते हैं। लेकिन कहते हैं न कि प्यार में इंसान सारी हदें पार कर देता है।
दरअसल ये कहानी कुछ ऐसी है जिसमें एक लड़का एक लड़की के संपर्क में आ जाता है। दोनों एक दूसरे को डेट करने लगते हैं। लड़की लड़के को अपने घर लेकर आती है। उन्हें माता-पिता और परिवार के सदस्यों से मिलवाती है।
इसके बाद लड़के का अक्सर लड़की के घर आना-जाना लगा रहता है। दोनों का रिश्ता पक्का हो जाता है। घर में लड़की की दो अन्य बहनें भी हैं। तीनों जुड़वां हैं। उनके बीच एक दोस्ती विकसित होती है। लेकिन इसी बीच मंगेतर के अलावा बाकी दोनों बहनें भी लड़के को पसंद करने लगती हैं। लड़का भी अपनी होने वाली सालियो को दिल दे बैठता है। इस तरह तीनों बहनों को एक ही लड़के से प्यार हो जाता है।
आज हम आपको जो कहानी बताने जा रहे हैं वह पूरी तरह से सच है। यह कहानी कीनिया की है। यह घटना इतनी दिलचस्प है कि पूरी दुनिया की मीडिया में इसकी खबर छपी है। ब्रिटिश अखबार डेली डाट को डाट यूके ने तस्वीरों के साथ यह खबर छापी है। इस रिपोर्ट के मुताबिक तीन बहनें हैं- केट, ईव और मैरी। तीनों का इसी हफ्ते स्टेवो नाम के युवक से विवाह होने जा रहा है।
स्टीवो सबसे पहले केट के संपर्क में आया। वह उसे डेट करता है। फिर उसके घर जाता है। वहाँ वह केट की दो अन्य बहनों ईव और मैरी से मिलता है। फिर वह उन दोनों को अपना दिल दे बैठता है। ये तीनों बहनें एक तरह से संगीत में अपना करियर बना रही हैं।
ईसाई समुदाय में बहुविवाह वर्जित है। अमेरिका और अफ्रीका के कुछ चुनिंदा संप्रदायों में ही इसकी अनुमति है।
उन्होंने कहा कि ये चारों लोग पिछले कुछ महीनों से साथ रह रहे है। हम चारों एक दूसरे से सीख रहे हैं। तीनों जुड़वां बहनों का कहना है कि उन्होंने एक सख्त टाइम टेबल बनाया है। इसके मुताबिक तय होता है कि कौन स्टीवो के साथ रात बिताएगा। तीनों ने यह भी कहा कि वे स्टीवो की जिंदगी में किसी और लड़की को नहीं आने देना चाहते। हमारा एक खुशहाल परिवार है।
स्टीवो ने आगे कहा कि लोग मेरी क्षमताओं पर भरोसा क्यों नहीं कर रहे हैं। तीनों को संतुष्ट करना कोई बड़ी बात नहीं है। स्टीवो ने कहा कि रूटीन के अनुसार मैरी के साथ सोमवार, केट के साथ मंगलवार और ईव के साथ बुधवार को बिताना होगा। ये चारों वीकेंड पर एक साथ रहते हैं। 2014 में, कीनिया की संसद ने बहुविवाह की अनुमति देने वाला कानून बना दिया। वैसे यह प्रथा कीनिया के पारंपरिक और मुस्लिम समुदाय में आम है।



