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एचडीएफसी बैंक में हुई लूट को लेकर आई बड़ी Update-जान कर उड़ जायेंगे होश

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करीब 38 लाख रूपए की हुई हैं एचडीएफसी बैंक में लूट

फगवाड़ा,31 मई। फगवाड़ा के गांव रेहाना जट्टां में स्थित एचडीएफसी बैंक में हुई लाखों रूपए की डकैती को डकैतों द्वारा पूरी प्लैनिंग के साथ इलाके की रेकी करने के बाद अंजाम दिया है। सूत्र इस ओर भी इशारा कर रहे है कि इस डकैती में अंदर का कोई भेदी इनके साथ डकैती की हुई प्लैनिंग में बेहद सक्रिय रहा हो सकता है? डकैत वह सब कुछ जानते थे अथवा बैंक के अंदर क्या-क्या मौजूद है उनको अच्छी तरह से पता था। जब डकैती हुई तब बैंक में ब्रांच मैनेजर रंजीत चौहान,कैशियर लवप्रीत कौर,प्रीती,गार्ड तरनजीत और सन्नी सहित कुछ लोग जो बैंक के ग्राहक बताए जाते हैं मौजूद थे।

पंजाब केसरी द्वारा की गई जांच में यह तथ्य साफ तौर पर प्रमाणित हुआ है कि डकैत क्षेत्र से ना केवल भली भांति परिचित थे अपितु उनके पास बैंक के अंदर दोपहर के समय क्या हालात रहते हैं की भी जरूरत से ज्यादा जानकारी मौजूद थी। उनको पता था कि बैंक में सर्वर रूम भी है क्योंकि डकैती के दौरान खुद ब्रांच मैनेजर रंजीत चौहान ने पुलिस को दर्ज करवाए अपने बयान में बड़ा खुलासा किया है कि उससे डकैतों ने बैंक के सर्वर रूम की चॉबी मांगी थी जिस पर उसने डकैतों को बताया था कि उसके पास सर्वर रूम की चॉबी नहीं हैं। सूत्रों के अनुसार डकैत पंजाबी में आपस में बातचीत कर रहे थे। उनकी आयु भी 20 -22 वर्ष के आसपास होने की बात कही जा रही है। डकैतों को यह भी पता था कि बैंक में दोपहर के समय कब कौन और कैसे सब होता है। यहीं वह बड़ा कारण रहा है कि डकैतों ने डकैती डालने का समय दोपहर को सुनिश्चित किया और महज 3 से 5 मिनट में लाखों रूपए गन पाउंट पर लूटकर फिल्मी स्टाइल में फरार हो गए।

सूत्रों के अनुसार जब एचडीएफसी बैंक में डकैती डाली गई तब बैंक में कैशियर और बैंक मैनेजर के कक्ष में लगे हुए दोनों अलार्म चालू हालत में थे। बस इनको दबाना मात्र था और सायरन (हूटर) अकटीवेट हो जाते। लेकिन किसी कारणवंश डकैतों की बैंक में हुई आमद के बाद ना तो कैशियर यह कर पाई और ना ही बैंक मैनेजर को यह सब करने का मौका मिला? और तो और बैंक में कुर्सी पर बैठा हुआ गार्ड भी कुछ नहीं कर पाया है? सूत्रों के अनुसार ऐसा इस लिए संभव नहीं हो पाया क्योंकि डकैत जब बैंक में अंदर आए तो बैंक मैनेजर बैंक अपने कक्ष की जगह बैंक की लॉबी में थे? आरोपियों ने गार्ड को पिस्तौल की नोक पर लेने के बाद मैनेजर सहित कैशियर को आदेश दिया गया कि वह कैश कक्ष को खोल दें। इस दौरान कैशियर इस लिए सायरन के बटन को दबा नहीं पाई क्योंकि बैंक गार्ड, मैनेजर को डकैतों ने गन पाउंइट पर ले रखा था और खुद वह भी डकैतों के गन पाउंइट पर ही थी? इसके बाद कैश कक्ष को खोलकर महिला कैशियर बाहर आ गई और 1 डकैत ने लाखों रूपए जो कैश रूम के एक ट्रंक में रखे हुए थे लूट लिए। इससे पहले 1 डकैत ने मौके पर मौजूद रहे लोगों,बैंक कर्मचारियों से मोबाइल फोन ले लिए थे। अहम पहलू यह है कि डकैतों को पता था कि इस बैंक ब्रांच में लाखों रूपए मौजूद रहते है। उनको यह भी पता था कि डकैती को 3 से 5 मिनट के समय अंतराल में आसानी से अंजाम दिया जा सकता है और इसके बाद उनको किस रास्ते का प्रयोग कर यहां से फिल्मी स्टाइल में किस दिशा में फरार होना है।

सूत्रों ने बताया है कि एचडीएफसी बैंक में करीब 38 लाख रूपए की लूट को अंजाम दिया गया है। हालांकि इसे लेकर पुलिस कुछ भी स्पष्ट नहीं कर रही है। सूत्रों ने दावा किया है कि डकैत गांव डुमाली की ओर से आए हो सकते हैं और वारदात को अंजाम देने के बाद होशियारपुर की ओर फरार हुए है? हालांकि इसे लेकर पुलिस अधिकारियों का यहीं कहना है कि अभी जांच जारी है वह इसे लेकर कुछ भी डिस्कलोज नहीं करेगें।

बैंक में सुरक्षा गार्ड तो हैं लेकिन उसके पास असला नहीं है?
सूत्रों के अनुसार एचडीएफसी बैंक की उक्त ब्रांच में सुरक्षा गार्ड हैं। एसएसपी कपूरथला गौरव तुरा ने भी कहा है कि बैंक में सुरक्षा गार्ड मौजूद रहा है। लेकिन सूत्रों ने दावा किया है कि उक्त सुरक्षा गार्ड के पास बैंक के सुरक्षा हेतु असला आदि नहीं है? अब सवाल यह है कि ऐसे सुरक्षा गार्ड जिसके पास असला नहीं है का क्या मतलब रह जाता है। सूत्रों ने दावा किया है कि जब डकैत बैंक में आए तो सबसे पहले बैंक के गार्ड तरनजीत जो कुर्सी पर बैठा हुआ था को ही गन पाउइंट पर लिया गया और उसके बाद अगली कार्रवाई को पूरा किया है।

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