पटियाला, 9 नवंबर | पंजाबी यूनिवर्सिटी में पिछले दिनों हुई अप्रिय घटना को लेकर शुरू की गई कार्यवाही अगले चरण में पहुंच गई है। पंजाबी यूनिवर्सिटी के प्रो. आरोप पत्र का जवाब मिलने के बाद सुरजीत सिंह को निलंबित कर दिया गया है और विभागीय जांच सेवानिवृत्त जिला सत्र न्यायाधीश वीके गुप्ता को सौंप दी गई है।
आज विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार प्रो. नवजोत कौर प्रो. सुरजीत सिंह के निलंबन का आदेश जारी कर दिया गया है। निलंबन के दौरान प्रो. सुरजीत सिंह का मुख्यालय यूनिवर्सिटी कॉलेज घनौर होगा। इसके साथ ही उनके खिलाफ हिंसा के मामले की जांच अगले चरण में पहुंच गई है। प्रोफेसर के खिलाफ छात्रों की शिकायत के बाद प्रारंभिक जांच सेवानिवृत्त अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश जसविंदर सिंह ने की थी। बाद में उन पर आरोप पत्र दायर किया गया। प्रो सुरजीत सिंह को आरोप पत्र का जवाब देने के लिए 15 दिन का समय दिया गया था। अब प्रो. सुरजीत सिंह का जवाब मिलने के बाद यूनिवर्सिटी ने आगे की कार्रवाई के लिए जांच कराने का फैसला किया है।
गौरतलब है कि छात्रों की कुछ शिकायतें प्रो. वे सुरजीत सिंह के खिलाफ आये। प्रारंभिक जांच रिपोर्ट में दर्ज किया गया कि प्रो. सुरजीत का व्यवहार छात्रों के प्रति खराब है जो एक शिक्षक के पद के अनुकूल नहीं है। प्रो सुरजीत सिंह द्वारा आरोप पत्र का जवाब दाखिल करने के बाद यह पाया गया कि उनके खिलाफ आगे की कार्रवाई की जानी चाहिए। अगली कार्रवाई से पहले छुट्टी पर चल रहे प्रो. सुरजीत सिंह को तत्काल प्रभाव से 8 नवंबर 2023 से अगले आदेश तक निलंबित कर दिया गया है।
चर्चा में आए प्रोफेसर के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने के लिए जश्नदीप कौर इंसाफ मोर्चा ने पंजाबी यूनिवर्सिटी का मुख्य गेट बंद कर विरोध प्रदर्शन किया। इस विरोध प्रदर्शन में मृतक जशनदीप कौर के भाई प्रदीप सिंह और उनके गांववासी भी शामिल हुए और पंजाब सरकार और राज्यपाल से न्याय की मांग की। नेताओं के विरोध में विवि प्रशासन के डीन डॉ. कल्याण, हरविंदर कौर ने मांग पत्र लेते हुए आरोपी प्रोफेसर के खिलाफ उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया। पटियाला के डीएसपी जसविंदर सिंह टीनावा ने आश्वासन दिया कि उचित कानूनी कार्रवाई की जाएगी। मोर्चा के नेताओं की सहमति के बाद धरना स्थगित कर दिया गया और साथ ही चेतावनी दी गयी कि अगर विश्वविद्यालय प्रशासन ने आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की तो संघर्ष तेज किया जायेगा।
हिंसा के खिलाफ संयुक्त मोर्चा का धरना आठवें दिन भी जारी रहा। मशहूर कलाकार गुरप्रीत बठिंडा ने भीड़ की हिंसा की आलोचना की और शांतिपूर्ण धरने और बातचीत जारी रखने का समर्थन किया। इसके साथ ही प्रो. सुरजीत सिंह पर हमला करने वालों के खिलाफ चल रही जांच भी अगले चरण की ओर बढ़ रही है। घटना वाले दिन की सामग्री सुरक्षाकर्मियों द्वारा उपलब्ध कराई गई थी, जिसके आधार पर एक उच्च स्तरीय जांच समिति का गठन किया गया है। घटना के वीडियो और प्रत्यक्षदर्शियों की गवाही के आधार पर हिंसा में शामिल लोगों की पहचान की जा रही है।
पंजाबी यूनिवर्सिटी प्रशासन का कहना है कि हिंसा में शामिल लोगों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी ताकि दोबारा ऐसी घटनाएं होने की आशंका को रोका जा सके। विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. अरविंद का कहना है कि वह हर दोषी शिक्षक, कर्मचारी और छात्र के खिलाफ उचित कार्रवाई करने के लिए प्रतिबद्ध हैं ताकि विश्वविद्यालय का अनुशासन बना रहे।



