Sunday, April 19, 2026
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बड़ी खबर : जालंधर के अर्बन एस्टेट में किरायेदार बनकर आया शख्स 3 लाख रुपए की ठगी कर हुआ फरार , ठगी का तरीका सुन रह जाएंगे दंग

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जालंधर, 18 फरवरी। जालंधर के अर्बन एस्टेट से एक ठगी का मामला सामने आया है। बुजुर्ग के साथ किरायेदार बनकर आया जालसाज तीन लाख रुपए की ठगी कर भाग गया। पीड़ित इकबालजीत सिंह ने सोमवार को कमिश्नरेट पुलिस को मामले की शिकायत दी है। उन्होंने बताया कि उन को सस्ता सोना दिलाने के नाम पर 3 लाख रुपए ठग लिए गए है।

उन्होंने पीड़ित की पहचान सुभाष चंद्रन पुत्र रामचंद्रन नायर वासी मकान नंबर 57. लेबर कॉलोनी, नजदीक संगम सिनेप्लेक्स, भोपाल के रूप में बताई। शिकायत के साथ जालसाज की तरफ से दिए आधार कार्ड, रेजिडेंस के सर्टिफिकेट तथा पैन कार्ड की फोटो कॉपी भी पुलिस को दी है। फिर उन्होनें बताया कि ठग किरायेदार बनकर 6 दिन उनके घर की ऊपरी मंजिल पर रहा। पहले उसने विश्वास बनाया और सस्ता सोना दिलाने के नाम पर उक्त रकम ठगकर फरार हो गया।

पीड़ित ने बताया कि वह 7 फरवरी को इलाके के प्रॉपर्टी डीलर के जरिये हमें मिला। पहले भी वह घर की ऊपरी मंजिल तथा दूसरी मंज़िल को किराये पर देते थे। आरोपी ने उनसे पहली मंजिल किराये पर लेने की बात कही। फिर उन्होने उसे कमरा किराए पर दे दिया। फिर उसने खुद को इनकम टैक्स विभाग का अधिकारी बताया और बोला कि दो-तीन साल किराये पर रहूंगा। पीड़ित उसकी बातों में आ गया और कमरा किराये पर दे दिया।

फिर एक दिन बोला- मैं इनकम विभाग में कार्यरत हूं। आपको सस्ते रेट पर सोना लेकर दे सकता हूं। फिर उसने मुझसे 3 लाख रुपए लिए। फिर आरोपी 13 फरवरी को एसबीआई के खाते से पैसे निकलवाने बुजुर्ग के साथ गया। पैसे लेने के बाद उसने कहा कि 2-3 दिन में सोना ला दूंगा। इसके बाद वह वापस नहीं आया। उसका मोबाइल नंबर बंद आ रहा है। इसके बाद वे स्काईलार्क चौक के पास इनकम टैक्स विभाग के दफ्तर गए। वहां पता चला कि ऐसा कोई शख्स उनके दफ्तर में कार्यरत नहीं है। न ही कोई ट्रांसफर होकर आया है। पीड़ित ने बताया कि उनके साथ 3 लाख रुपए की ठगी हुई है।

बाद में हमें प्रॉपर्टी डीलर ने बताया कि उन्होंने ऑनलाइन प्लेटफार्म पर किराये की प्रॉपर्टी की उपलब्धता की जानकारी दर्ज कराई थी। उसके जरिये उक्त शख्स उनके पास आया था। उसने अपना बैग गुम हो जाने की बात कहकर 2000 रुपए उधार मांगे थे। आरोपी ने प्रॉपर्टी डीलर को किराये का मकान दिलाने की कमीशन भी नहीं दी। और ना ही किसी इकरारनामे पर साइन किए। उसने जो अपने शिनाख्ती दस्तावेज दिए उसी आधार पर उस पर विश्वास कर लिया।

पीड़ित ने बताया कि वह कुछ सब्ज़ी वगैरह ऊपर के कमरे में छोड़ गया है, जब उन्होंने उसका समान देखा तो लोकल किसी की शादी का कार्ड उन्हें मिला जब उन्होंने दिए गए नंबर पर बात की तो उन्होंने भी बताया के ये व्यक्ति उनका पारिवारिक दोस्त है और नौकरी दिलवाने के नाम पर हम से भी 7 हज़ार ले गया है।

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