जालंधर, 6 अक्तूबर : जिला जालंधर में डेंगू का खतरा लगातार बढ़ रहा है। गुरुवार को 2 और पॉजिटिव रोगी मिलने से जिले में कुल रोगियों की संख्या 90 पर पहुंच गई है।
वहीं जिले के 90 डेंगू पॉजिटिव रोगियों में से 54 रोगी शहरी एवं 36 ग्रामीण क्षेत्र के रहने वाले हैं। स्वास्थ्य विभाग अब तक जिले के 1547 डेंगू के संदिग्ध रोगियों के सैंपल टैस्ट कर चुका है। इसी के साथ स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने वीरवार को जिले के जिन 1812 घरों का सर्वे किया और उन्हें वहां से 6 स्थानों पर डेंगू ज्वर फैलाने वाले मच्छरों का लारवा मिला जिसे टीमों ने पूरी तरह नष्ट कर दिया।
जानकारी के अनुसार स्वास्थ्य विभाग ने डेंगू के संदिग्ध जिन 32 रोगियों के सैंपल टैस्ट किए उनमें से 3 की रिपोर्ट पॉजिटिव आई। पॉजिटिव आने वाले रोगियों में से एक रोगी अन्य जिले से संबंधित पाया गया।
डेंगू के लक्षण
-सिरदर्द
-मांसपेशियों, हड्डियों और जोड़ों में दर्द
-उल्टी
-जी मिचलाना
-आंखों में दर्द होना
-त्वचा पर लाल चकत्ते होना
-ग्लैंड्स में सूजन होना
डेंगू का इलाज
-
मच्छरों के प्रजनन क्षेत्रों पर लगाएं रोक
डेंगू के प्राथमिक सोर्स होते हैं एडीज मच्छर जो की रुके हुए पानी में पनपते हैं। आपके घर में मच्छरों के प्रजनन के जोखिम को कम करने के लिए घर में जहां पानी भरा हुआ है उन स्थानों को खत्म करें और रुके हुए पानी को तुरंत साफ करें। साथ ही नाली और पानी निकलने वाले पाइपों की भी सफाई करें।
- मच्छरों को घर में आने से रोकने के लिए खिड़कियां और दरवाजे बंद रखें, साथ ही मच्छरदानी का उपयोग करें। ये मच्छर से बचाने के लिए सबसे अच्छा उपाय हो सकते हैं। इसके अलावा, घर के अंदर ठंडा वातावरण बनाए रखने के लिए पंखे या एयर कंडीशनिंग का उपयोग करें क्योंकि ठंडे मौसंम में मच्छरों की गतिविधि कम हो जाती है।करें कीट नाशकों का इस्तेमालखुली त्वचा पर मच्छर भगाने वाली क्रीम लगाने से मच्छर के काटने की संभावना काफी कम हो सकती है। अगर आपके एरिया या घर में मच्छर ज्यादा हैं तो मच्छर से बचाने वाली क्रीम का उपयोग करें। ध्यान रखें कि उनमें DEET, पिकारिडिन, सिट्रोनेला और नींबू नीलगिरी का तेल जरूर शामिल हों।



