मोहाली। एक मां ने अपनी 3 दिन की बेटी की खुद ही हत्या कर दी ,ओैर फिर बच्ची को जिंदा दफना दिया। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई। जिसके बाद गड्ढा खोदकर नवजात बच्ची को बाहर निकाला गया। ओैर उसे अस्पताल ले जाया गया। जहां से उसे पीजीआई चंडीगढ़ रेफर कर दिया गया। जहां डॉक्टरों ने बच्ची को मृत घोषित कर दिया। शुरुआती जांच में कहा जा रहा है कि महिला डिप्रेशन का शिकार थी। उन्हें शक था कि यह बेटी जादू-टोने से पैदा हुई है।
पुलिस के अनुसार करौरा गांव निवासी अनीता रानी ने शुक्रवार को एक बच्ची को जन्म दिया। इसके बाद पूरे परिवार में खुशी का माहौल था। अनीता बच्चे के साथ घर पर थी। जबकि पति राजकुमार काम पर चला गया। आरोपी का पति पेंटर का काम करता है। उनके पहले से दो बेटे हैं। इनकी उम्र करीब 14 साल पांच साल है। पति राजकुमार के मुताबिक जब वह काम से घर लौटा तो उसे बच्ची नहीं मिली। उसने अपनी पत्नी अनीता से पूछा लेकिन वह कोई जवाब नहीं दे रही थी। जिससे उन्होंने पुलिस को सूचना दी।
इसके बाद पुलिस ने महिला से सख्ती से पूछताछ की तो उसने खुद जाकर बच्ची को गड्ढे से बाहर निकाला। जिसके बाद पुलिस उसे तुरंत सेक्टर 16 अस्पताल ले गई। वहां चिकित्सकों ने हालत गंभीर देखते हुए उसे पीजीआई में भर्ती करा दिया। रेफर कर दिया हालांकि तब तक बच्ची की मौत हो चुकी थी।
आरोपी महिला डिप्रेशन से जूझ रही थी। करीब 9 साल पहले 2014 में सेक्टर-17 स्थित एक निजी अस्पताल से उसका डिप्रेशन का इलाज हुआ था। लेकिन, अचानक उन्होंने इलाज बीच में ही छोड़ दिया। जिसके बाद उनकी बीमारी बढ़ती चली गई। बच्ची के पिता राजकुमार ने कहा कि बच्ची के जन्म के बाद से अनीता के मन में कुछ भ्रम था। वह अक्सर कहती थी कि उसने इस बच्ची को जन्म नहीं दिया। किसी जादू-टोने के कारण यह उसके गर्भ में आ गया। नवांग्रांव थाना प्रभारी कुलवंत सिंह ने बताया कि पुलिस इस संबंध में जांच कर रही है।



