अमृतसर/ उतराखंड। उत्तराखंड सरकार भी अब सिख मर्यादा के तहत होने वाली शादियों को आनंद कारज एक्ट के तहत पंजीकृत करेगी। मुख्यमंत्री पुष्कर धामी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में इस फैसले के बाद उत्तराखंड देश का 10वां राज्य बन गया है। बैठक में सभी धर्मों के लिए विवाह पंजीकरण अनिवार्य कर दिया गया है।
उत्तराखंड की कैबिनेट बैठक में लिए गए फैसले के मुताबिक इसमें आनंद विवाह अधिनियम के तहत होने वाली शादियों को भी शामिल किया गया है। जिससे सिख समुदाय के लोग भी रजिस्ट्रेशन करा सकेंगे। गुरुद्वारा श्री हेमकुंट साहिब मैनेजमेंट ट्रस्ट ने उत्तराखंड सरकार के इस फैसले की सराहना की है। शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी ने भी इस पर खुशी व्यक्त की है। गुरुद्वारा श्री हेमकुंट साहिब प्रबंधन ट्रस्ट के अध्यक्ष नरिंदर जीत सिंह बिंद्रा ने कहा- उत्तराखंड कैबिनेट द्वारा पारित लंबे समय से लंबित विधेयक जो अब आनंद विवाह अधिनियम के तहत सिख शादियों के पंजीकरण की अनुमति देता है, उत्तराखंड में रहने वाले पूरे सिख समुदाय के लिए एक बहुत ही प्रशंसनीय कदम है।



