इंदौर। होलकर स्टेडियम इस बार टीम इंडिया के लिए भाग्यशाली साबित नहीं हुआ। बल्कि ऑस्ट्रेलिया के हाथों टीम की शर्मनाक हार हो गयी। बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी के तहत खेले गए तीसरे क्रिकेट टेस्ट मैच में भारत की करारी शिकस्त के बाद क्रिकेट प्रेमियों में काफी गुस्सा देखा गया। दर्शक टीम इंडिया के प्रदर्शन से बहुत ज़्यादा निराश हो गए। इंदौर के खूबसूरत स्टेडियम पर भी दाग लग गया।
बीसीसीआई के पूर्व सचिव और क्रिकेट के भीष्म पितामह कहे जाने वाले संजय जगदाले ने भी इस पर अपनी बात रखी है।भारतीय टीम के लिए भाग्यशाली माने जाने वाले इंदौर के होलकर स्टेडियम में टीम इंडिया की करारी हार ने सभी को दुखी कर दिया। पूर्व क्रिकेटरों से लेकर दर्शक तक सभी निराश हुए। 5 दिन तक चलने वाला टेस्ट मैच सवा दो दिनों में ही खत्म हो गया।
इसके लिए स्टेडियम की खराब पिच सबसे बड़ा कारण रही। मैच के लिए क्यूरेटर समंदर सिंह ने लाल मिट्टी की पिच तैयार की थी। ये पिच ऐसी थी कि पूरे पांच दिन तक मैच चलता। दर्शकों को भी चौके छक्कों की बरसात देखने को मिलती। जैसा कि हमेशा से होलकर स्टेडियम में होता आया है। यही वजह थी मैच की सारी टिकट पहले से बिक गईं और स्टेडियम फुल हो गया।
पहले से तैयार की गई लाल मिट्टी की पिच की बजाय काली मिट्टी की पिच पर मैच खेला गया। इसका परिणाम ये हुआ कि भारतीय टीम के बल्लेबाज पहली और दूसरी पारी में धराशाई हो गए। दर्शक तो इतने नाराज थे कि भारतीय टीम को पुलिस की कड़ी निगरानी में बीआरटीएस लेन से होटल पहुंचाना पड़ा।
दर्शकों का कहना है उम्मीद के मुताबिक ये मैच नहीं हुआ। पांच दिन का पैसा दिया था, लेकिन मैच दो दिन और दो घंटे में ही खत्म हो गया। इससे हम लोग बहुत निराश हैं। विकेट बहुत खराब बनाया गया था। टीम इंडिया होम ग्राउंड का फायदा नहीं उठा पाई। यदि आप टेस्ट मैच को 20-20 के माइंड सेट के हिसाब से खेलेंगे तो वो बिल्कुल सक्सेज नहीं होगा। आपने पिच भी उसी तरह की क्रीयेट की, यही वजह रही कि मैच तीसरे दिन दो घंटे में ही खत्म हो गया।



