Thursday, June 11, 2026
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एक महिला का धार्मिक एवं शिक्षित होना सदाचारी समाज के निर्माण के लिए आवश्यक

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गिल्ले आल समराला में अध्यक्ष जमीयत उलमा लुधियाना मुफ्ती मुहम्मद आरिफ कासमी लुधियानवी  का संबोधन

लुधियाना/ गिल्ले आल1 दिसंबर।  श्री मुहम्मद सिद्दीक की बेटी ने कुछ दिन पहले मदरसा आयशा सिद्दीका लिलबनात मालेरकोटला पंजाब से स्नातक की उपाधि प्राप्त की है और वह समराला क्षेत्र की पहली महिला आलिमा हैं। नेक नसीब माता पिता ने बेटी के आलिमा होने की खुशी में एक समागम आयोजित किया, जिस में गुज्जर समूदाय के लोगों ने बड़ी गिनती में भाग लिया। महिलाओं के इकठ्ठ को मदरसा आयशा सिद्दीका की टीचरों ने संबोधित किया।

वहीं सभा में पहुंचे पुरषों को मुफ्ती मुहम्मद आरिफ लुधियानवी मुफ्ती शहर लुधियाना व अध्यक्ष जमीयत उलमा लुधियाना से संबोधित किय। मुफ्ती मुहम्मद आरिफ कासमी, लुधियानवी ने कहा कि इलम ए दीन से प्रतिबद्धता अल्लाह का मुख्य वरदान है। अल्लाह अपने पसंदीदा एवं चहेते बंदों का इस के लिए चयन करता है। धरती, आकाश के जीव- जनतु शिक्षा प्राप्त करने वालों के लिए दुआ ए मगफिरत करते हैं। श्री लुधियानवी ने कहा कि इलम ए दीन की बरकत से इंसान को दुनिया- प्रलोकिक जीवन का मान- सम्मान प्राप्त होता है। और  इलम वाले लोग लोगों के लिए मार्गदरशन एवं रोशनी के मीनार हैं।

निंसंदेह एक अच्छे समाज के निर्माण के लिए महिलाओं का दीन दार होना अति आवश्यक है। औरत की दीनदारी एवं इलम ए दीन से प्रतिबद्धता पीढ़ी दर पीढ़ी चलते हैं। और ऐसी ही माताओं से बा यज़ीद बुस्तामी, बू अली शाह कलंदर, मुईनुद्दीन चिश्ती अजमेरी एवं मुजद्दिद अलफ सानी जैसे इतिहासिक लोग जनम लेते हैं। श्री लुधियानवी ने कहा कि गुज्जर समुदाय के एक वयक्ति मुफ्ती फैजुल वहीद कासमी को इलम ए नबुव्वत से लगाव के कारन जो सम्मान एव प्रखयाति प्राप्त हुई एव उनके द्वारा दीन- मिल्लत के मुख्य कार्य किये गये, सभी लोग इस से अवगत हैं। अंत में मुफ्ती आरिफ कासमी, लुधियानवी ने कहा कि इस आलिमा बेटी के माता- पिता, शिक्षक व इलाका निवासी सभी बधाई के पात्र हैं, जिन की दुआओं एवं कोशिशों से यह दीन सीखना नसीब हुआ।आशा है कि गुज्जर समुदाय के लोग इस समागम से सबक लेंगे, एवं यहां से एक संकल्प लेकर जायेंगे कि वह अपने बच्चे,बच्चियों को अवश्य दीन की शिक्षा देंगे।

कारी मुहम्मद तौसीफ आलम नाजिम तालीमात मदरसा अनवार उल उलूम समराला व महासचिव जमीयत उलमा समराला ने इलम ए दीन के महत्व पर रोशनी डालते हुए कहा कि एसी प्रमुख नेमत से दूरी बड़ी महरूमी की बात है। हमें प्रयत्न करना चाहिए कि चाहे हमें जो भी व जिस प्रकार की भी जानी- आर्थिक कुरबानी देनी पड़े,परंतु हम अपनी संतान को आलिम एवं दीन दार बनाएंगें एवं अज्ञानता को मिटाने में सहयोग देंगे। मुफ्ती मुहम्मद आरिफ लुधियानवी अध्यक्ष जमीयत उलमा लुधियानी की दुआ पर प्रोग्राम समपन्न हुआ। समागम में उपस्थित रहने वालों में कारी मुहम्मद ताहिर मोहतमिम मदरसा अनवार उलूम समराला, मुहम्मद अकबर मालेरकोटला, हाफिज़ मुहम्मद हारून समराला, हाजी मुहम्मद शरीफ, मुहम्मद ज़ुबैर पनसारी, मुहम्मद कफील, हाजी मुहम्मद सिद्दीक रोपड़, मुहम्मद मासूम बोंदल, मुहम्मद तालिब बोंदल, मुहम्मद कासिम बोदंल, गुलाम रसूल, करमदीन, हाजी मुहम्मद ताहिर लुधियाना आदि के नाम जिक्रयोग हैं।

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