सतलुज को साफ करने के लिए संत सीचेवाल के अनुभव का लाभ लिया जाए
सुल्तानपुर लोधी, ( डा सुनील धीर ) । पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने राज्यसभा सदस्य और पर्यावरणविद् संत बलबीर सिंह सीचेवाल की मौजूदगी में जालंधर के डिप्टी कमिश्नर विशेष सारंगल को सख्त आदेश जारी करते हुए कहा कि जब बाढ़ का पानी उतर जाए तो गिद्दड़पिंडी रेलवे पुल के नीचे जमी गाद को शीघ्र हटा दिया जाए। उन्होंने दावा किया कि पंजाब सरकार की ओर से फंड की कोई कमी नहीं है, इसलिए इस काम के लिए टेंडर का इंतजार नहीं किया जाना चाहिए।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने यह भी निर्देश दिया कि यदि गिद्दड़पिंडी रेलवे पुल के नीचे से गाद हटाने के लिए विशेष मशीनों की आवश्यकता है, तो इसे बाहर से मंगवाने की व्यवस्था की जाए। इससे पहले गिद्दड़पिंडी पुल के नीचे गाद के बारे में संत सीचेवाल ने मुख्यमंत्री को बताया था कि इसमें जमी गाद के कारण इसकी 21 दरों में से केवल 3 दरे ही बह रहे थे।
मुख्यमंत्री ने डिप्टी कमिश्नर जालंधर के कंधे पर हाथ रखकर कहा कि वह बाढ़ का ऐसा भयानक मंजर दोबारा नहीं देखना चाहते। मुख्यमंत्री ने अपने सख्त लहजे को जारी रखते हुए कहा कि सतलुज नदी को साफ करने के लिए पर्यावरणविद् संत बलबीर सिंह के अनुभव का लाभ उठाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि संत सीचेवाल का जल कार्य विश्व स्तरीय है। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि नवनिर्वाचित सांसद शुशील रिंकू का भी समर्थन लिया जाये।
डिप्टी कमिश्नर विशेष सारंगल ने मुख्यमंत्री को बताया कि सतलुज दरिया से गाद निकालने के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू हो चुकी थी लेकिन अचानक बारिश आ गई। डीसी की इस टिप्पणी का मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने मौके पर ही जवाब दिया और कहा कि प्रकृति को दोष नहीं दिया जा सकता। बारिश से बचने के लिए पहले से ही तैयारी करनी चाहिए थी।ऐसी गंभीर स्थिति में वे टेंडर का इंतजार नहीं कर सकते। मुख्यमंत्री ने कहा, ‘सरकारी काम में कई महीने लग जाते हैं लेकिन हम सरकारी नहीं हैं.’ हम यहां लोगों के लिए हैं। कुछ तत्काल परिणाम की आवश्यकता है. मैं बाढ़ के कारण इस स्थान पर वापस नहीं आना चाहता।
इस मौके पर मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने फिरोजपुर के युवाओं से सवाल जवाब भी किये मुख्यमंत्री ने बाढ़ के पानी से भीगे नंगे पैर और कपड़े दिखाकर यह भी जताया कि वह जनता के मुख्यमंत्री हैं और जनता के बीच रहते हैं। इससे पहले मुख्यमंत्री निर्मल कुटिया सीचेवाल पहुंचे, जहां पर्यावरणविद् और राज्यसभा सदस्य संत बलबीर सिंह सीचेवाल ने बंद कमरे में बैठक की। जिसमें कैबिनेट मंत्री बलकार सिंह, लोकसभा सदस्य सुशील रिंकू, नकोदर से विधायक इंदरजीत कौर और रतन सिंह काकर कलां भी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान को भी संत सीचेवाल उस स्थान पर ले गए जहां पूरे पंजाब से युवा धुसी बांध बांध रहे थे। उन्होंने जयकारे लगाकर उनका हौसला बढ़ाया और नाव से बाढ़ग्रस्त इलाकों का दौरा भी किया। उन्होंने किसानों को आश्वासन दिया कि वे पनीरी की व्यवस्था करेंगे।



