ऐसे मामलों को हल्के में नहीं लेना चाहिए: हरजिंदर सिंह धामी
अमृतसर। पंजाब के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) गौरव यादव ने गुरुवार को अमृतसर के स्वर्ण मंदिर के पास हाल ही में हुए कम तीव्रता के विस्फोटों और इस सिलसिले में पांच लोगों की गिरफ़्तारी के बारे में जानकारी दी। पंजाब पुलिस प्रमुख ने बताया कि इस सप्ताह हुए धमाकों के संबंध में पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
अमृतसर के स्वर्ण मंदिर के समीप धमाकों का सिलसिला थम नहीं रहा और इसी कड़ी में बुधवार रात को यहां एक और कम तीव्रता का धमाका सुनाई दिया। अमृतसर में एक सप्ताह के भीतर यह तीसरा विस्फोट है। पुलिस ने बताया कि ताजा विस्फोट बुधवार आधी रात को गुरु रामदास निवास इमारत के पीछे हुआ।
अमृतसर के पुलिस आयुक्त नौनिहाल सिंह ने पहले बताया था कि पुलिस को आधी रात को ‘एक तेज़ आवाज़’ सुने जाने की सूचना मिली। उन्होंने पत्रकारों से कहा, ‘आशंका जताई गई कि एक और धमाका हुआ है।’ उन्होंने बताया कि पूरे इलाके को सील कर दिया गया है और एक फॉरेंसिक दल घटनास्थल पर पहुंच गया है। अमृतसर के पुलिस आयुक्त ने बताया कि हम संदिग्धों को एहतियातन हिरासत में ले रहे हैं तथा पूछताछ कर रहे हैं।
गौरतलब है कि छह मई को यहां स्वर्ण मंदिर के समीप ‘हेरिटेज स्ट्रीट’ के समीप कम तीव्रता का धमाका हुआ था। इसके 30 घंटे से भी कम समय बाद इलाके में एक और विस्फोट की आवाज सुनाई दी। शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक समिति (एसजीपीसी) के प्रमुख हरजिंदर सिंह धामी ने बृहस्पतिवार को राज्य सरकार पर ऐसी घटनाएं रोक पाने में ‘पूरी तरह नाकाम’ रहने का आरोप लगाया।
पहले के दो धमाकों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों को हल्के में नहीं लेना चाहिए। उन्होंने कहा, ‘मैं कह सकता हूं कि यह पूरी तरह सरकार की नाकामी है। अगर इसकी गहराई से जांच की गई होती तो गत रात की घटना नहीं होती।’ एसजीपीसी प्रमुख ने इन घटनाओं के पीछे किसी साजिश का संदेह जताया।



