Wednesday, June 17, 2026
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लाचार सिस्टम की भेंट चढ़ी छात्रा , परीक्षा में अच्छे नम्बर ना पाने को लेकर लगाई फाँसी

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उत्तर प्रदेश। कौशांबी में एक भाई को अस्पताल से बहन का शव बाइक पर ले जाना पड़ा, क्योंकि उसे मांगने पर भी शव वाहन नहीं दिया गया। भाई शव लेकर 5 किलोमीटर दूर थाने पहुंचा। जहां उसने बहन के सुसाइड करने की जानकारी दी और अस्पताल प्रबंधन की शिकायत की। लड़की इंटर में पढ़ती थी। फेल होने के डर से उसने गुरुवार शाम फांसी लगा ली थी। उसे एक प्राइवेट हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया, जहां शुक्रवार सुबह उसकी मौत हो गई।

मामला कोखराज थाने के अंबेडकर नगर मोहल्ले का है। मृतक का नाम निराशा (16) था। भाई कुलदीप ने बताया, “बहन ने इंटर के पेपर दिए थे। पेपर अच्छे नहीं हुए थे इसलिए वह परेशान थी। कुछ दिन पहले ही रिजल्ट आने की खबर मिली, तो उसे फेल होने का डर सताने लगा।

गुरुवार को वह हम लोगों के साथ घर में बैठी थी। कुछ देर बाद कमरे में चली गई। काफी देर तक बाहर नहीं आई, तो हम कमरे में गए। वहां देखा कि वह पंखे में फंदा डालकर लटकी हुई है। उसकी सांसें चल रही थीं। हम उसे तुरंत तेजमति अस्पताल ले गए। शुक्रवार सुबह उसकी मौत हो गई।”

भाई कुलदीप ने बताया कि अस्पताल में बहन का ठीक से इलाज नहीं किया गया। उसकी मौत के बाद लंबा बिल पकड़ा दिया। जब हम लोगों ने इतना पैसा देने से मना किया तो उन लोगों ने शव वाहन देने से मना कर दिया। हम लोगों ने आधे घंटे वेट भी किया, फिर भी वो लोग नहीं माने।

मामले में थाना प्रभारी रमेश पटेल ने बताया, ”कुलदीप नाम का युवक अपनी बहन के शव को थाने लेकर पहुंचा था। शव को कब्जे में लेकर कानूनी कार्रवाई की जा रही है। निजी अस्पताल से शव वाहन न उपलब्ध कराए जाने की बात परिजन ने बताई है। मामले में जांच कर सख्त कार्रवाई की जाएगी।’

कौशांबी के CMO डॉ. सुस्पेंद्र सिंह ने बताया, ”निजी अस्पताल तेजमति में मरीज की मौत के बाद शव वाहन मुहैया न कराए जाने का मामला सामने आया है। जांच एडिशनल CMO स्तर के अफसर को सौंपी गई है। रिपोर्ट आने पर निजी अस्पताल संचालक के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।”

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