जानसठ,17 मार्च। शुक्रवार को जुमे की नमाज से पहले तहसील वाली मस्जिद जानसठ में नमाजियों के सामने मौलाना मूसा ने रमजान की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि रमजान का मुबारक महीना आ गया है. यह रहमत वह बरकत और मगफिरत का महीना है. इसी महीने में अल्लाह ताला ने दुनिया की सबसे बड़ी किताब कुरान पाक को आसमान से उतारा है, इस महीने की हर एक घड़ी बहुत कीमती है , इसलिए हमें इस मुबारक महीने के हर समय से फायदा उठाना चाहिए और अल्लाह की इबादत और आज्ञापालन में लग जाना चाहिए , और पवित्र कुरान को पढ़ने की आदत बनानी चाहिए।
उन्होंने आगे रोजे की महानता पर प्रकाश डालते हुए कहा है के रोज़े का लक्ष्य अल्लाह की रजामंदी हासिल करना है
पैगंबर मोहम्मद साहब ने फरमाया है कि जो व्यक्ति रोजा रखे और बुरे काम भी करता रहे तो ऐसे व्यक्ति के भूखे प्यासे रहने से कोई फायदा नहीं है , अल्लाह के यहां वही रोजा कबूल होता है जो रोज़ेदार अपने आप को बुराइयों से बचकर अपनी जिंदगी को गुजारता है , और अपने आप को गुनाहों से पापों से बचाता है, उन्होंने कहा कि इसलिए विशेष रूप से अपने आप को बुरे कामों से बचाएं, अपनी जबान की आंखों की और शरीर के अन्य हिस्सों की रक्षा करें। किसी को बुरा भला न कहे झूठ ना बोले , गीबत ना करें, किसी की कमियों को दूसरों के सामने बयां ना करें कम न तोले , और आखिर में मौलाना ने जुम्मे की नमाज अदा करा कर मुल्क में अमन वह अमान के लिए दुआ फ़रमाई।



