अमृतसर, 31 जनवरी| पंजाब के युवाओं को आर्मी में ऑफिसर रेंक तक पहुंचाने के मकसद से शुरू की गई निशान-ए-सिखी इंस्टीट्यूट फॉर सांइंस एंड ट्रेनिंग (NSIST) से 5 युवा नेशनल डिफेंस अकादमी (NDA) तक पहुंच गए हैं। जल्द ही ये युवा NDA खड़कवासला पुणे को जॉइन करेंगे। इन 5 युवाओं में से 4 पंजाब के ग्रामीण व सरहदी इलाकों में साधारण परिवारों से संबंधित हैं।
बता दें कि सितंबर 2023 में यहां के 15 स्टूडेंट्स ने NDA लिखित परीक्षा पास की। इनमें से पांच ने अपना सपना साकार कर लिया। पंजाब के अधिकतर नेशनल हाईवेज के आसपास, मुंबई व राजस्थान में भी वृक्ष लगा कर सेवा कर चुके बाबा सेवा सिंह अब राज्य के युवाओं को आर्मी में ऑफिसर रेंक तक पहुंचाने में जुटे हैं।
वृक्षों के संरक्षण में उनके योगदान को देखते हुए ही उन्हें 2010 में पद्म श्री से सम्मान किया गया था। लेकिन 2020 में तीन कृषि कानूनों के खिलाफ किसान आंदोलन के दौरान उन्होंने इसे वापस करने की घोषणा भी कर दी थी। इन युवाओं के अलावा अभी तक इस इंस्टीट्यूट से 24 युवा NDA में और 90 मर्चेंट नेवी में जा चुके हैं।
1965 युद्ध के हीरो को समर्पित है इंस्टीट्यूट
NSIST की बात करें तो ये 1965 के युद्ध के हीरो लेफ्टिनेंट जनरल हरबख्श सिंह से प्रेरित है। इसका मकसद पंजाब के युवाओं और सीमावर्ती क्षेत्र से सेना अधिकारी तैयार करना है। इस संस्थान में केशधारी सिख स्टूडेंट्स को प्रवेश लेने की अनुमति है। अन्य धर्मों के स्टूडेंट्स के लिए ऐसी कोई शर्त लागू नहीं है।



