कनाडा, 30 अक्टूबर | भारत और कनाडा के बीच तनाव के बाद कनाडा की जस्टिन ट्रूडो सरकार ने स्टडी वीजा को लेकर नए नियम लागू कर दिए हैं। उनके मुताबिक जो स्टडी इमिग्रेशन कंपनी ईमानदारी से अच्छा काम करेगी, उसे शॉर्टलिस्ट किया जाएगा। ऐसे संस्थानों के छात्रों को जल्द ही वीजा दिया जाएगा। कनाडा सरकार ने एजेंटों द्वारा बढ़ती धोखाधड़ी को देखते हुए यह फैसला लिया है।
नए नियमों के मुताबिक, कॉलेज या यूनिवर्सिटी में एडमिशन के लिए स्टडी परमिट जारी करने से पहले एडमिट कार्ड को कॉलेज या यूनिवर्सिटी द्वारा सत्यापित किया जाएगा। वहां से सत्यापन के बाद ही छात्रों को स्टडी वीजा जारी किया जाएगा। ऐसा इसलिए करना पड़ा क्योंकि एजेंटों ने कॉलेजों से फर्जी पत्र बनवाना शुरू कर दिया है और हाल ही में 103 छात्रों की फाइलों में फर्जी पत्र पाए गए।
कनाडा के आव्रजन मंत्री मार्क मिलर का कहना है कि यह व्यवस्था छात्रों की मदद के लिए है। कई बार तो छात्रों को पता ही नहीं चलता कि उनका पत्र फर्जी है। नए नियमों के मुताबिक छात्रों को कोई परेशानी नहीं होगी। आईआरसीसी (आव्रजन शरणार्थी और नागरिकता कनाडा) पोस्ट-ग्रेजुएशन वर्क परमिट कार्यक्रम के मानकों की समीक्षा पूरी करेगा और कनाडाई श्रम बाजार की जरूरतों के साथ-साथ आप्रवासन लक्ष्यों को पूरा करने के लिए सुधार शुरू करेगा।
आने वाले महीनों में, आईआरसीसी पोस्ट-ग्रेजुएशन वर्क परमिट प्रोग्राम मानकों का मूल्यांकन पूरा करेगा और इसे कनाडाई श्रम बाजार की जरूरतों के साथ-साथ आप्रवासन लक्ष्यों के साथ बेहतर ढंग से संरेखित करने के लिए सुधार शुरू करेगा।



