Monday, June 15, 2026
No menu items!
Google search engine

संत सीचेवाल के प्रयासों से अरब देशों में फंसी 17 लड़कियों ने की घर वापसी; कपूरथला पहुंच सुनाई आपबीती

Spread the News

कपूरथला, 11 अक्तूबरः राज्यसभा सदस्य संत बलबीर सिंह सीचेवाल के प्रयास और विदेश मंत्रालय के सहयोग से एक महीने में मस्कट, ओमान और इराक की 17 लड़कियों को सुरक्षित लाया गया है। अरब देशों में ये लड़कियां पिछले 6-7 महीनों से फंसी हुई थीं। अब तक संत सीचेवाल के प्रयास से अरब देश में वापस लाई गई लड़कियों की संख्या 48 तक पहुंच गई है। उन्हें तरह-तरह से काम किया जा रहा था। ये लड़कियां जब अपने परिवार के पास लौटीं तो उनकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा। स्वदेश वापसी में इन 17 लड़कियों में एक लड़की झारखंड और बाकी पंजाब की हैं। इन निर्मल कुटिया सुल्तानपुर पिरामिड की तीन लड़कियों ने अपनी पीड़ा बताई। नवांशहर, अमृतसर और मोहाली की इन लड़कियों ने सामुदाय के सदस्य संत बलबीर सिंह सीचेवाल का शुक्रिया अदा किया और पंजाब के लोगों से अपील की कि वे अपनी बेटियों को मस्कट और इराक जैसे देशों में न भेंजे।

वापस लौटी इन लड़कियों में से एक नवांशहर जिले की महिला ने बताया कि मस्कट में जहां वह काम कर रही थी, वहां फिसलकर गिर गई और उसका पैर टूट गया। इस पीड़ा के बावजूद उसका कोई इलाज नहीं किया गया, बल्कि काम करने के लिए मजबूर किया गया। सभी लड़कियों के साथ इस तरह से वहां व्यवहार किया जा रहा थी कि अगर वे अचानक बीमार पड़ जाएं तो उनका कोई इलाज नहीं किया जाता था।

मोहाली से आई लड़की ने कहा कि वहां की लड़कियों की हालत पर बयान नहीं दिया जा सकता। उन्होंने बताया कि लड़कियों के साथ ऐसा व्यवहार किया जाता है कि उनकी आंखों के सामने दो लड़कियां वहां के हालात से तंग आकर आत्महत्या करने की कोशिश करती हैं।

इसी तरह अमृतसर के जिलों से वापस आई लड़की ने बताया कि वहां के उद्यमियों द्वारा लड़कियों के साथ बहुत अच्छा व्यवहार करना शुरू किया जाता है। लेकिन जैसे ही वे लड़कियां अरब में हस्ताक्षर पत्र पर शपथ पत्र लिखती हैं, उनका व्यवहार बदल जाता है। ये शपथ पत्र ही इन लड़कियों को गुलामी की ओर झुकाते हैं। पीड़ित लड़कियों का दावा है कि जिन 2 लड़कियों ने वहां अपनी जान बचाने की कोशिश की थी, उन्हें कंपनी ने गायब कर दिया और अब तक इन लड़कियों का कुछ पता नहीं चल पाया है।
संत सीचेवाल ने पीड़ित लड़कियों के खिलाफ शिकायत दी कि उनके मामले को पंजाब के कब्जे के पास उठाया गया है ताकि उन पर कानूनी कार्रवाई की जा सके। उन्होंने कहा कि विदेश मंत्रालय के सहयोग से मस्कट, ओमान और इराक में भारतीय दूतावासों ने जिस तेजी से इन लड़कियों को उनके रिश्तेदारों तक वापस पहुंचाया, वह बेहद करीब हैं। उन्होंने इसके लिए विदेश मंत्रालय और भारतीय दूतावास के अधिकारियों को धन्यवाद दिया।


RELATED ARTICLES
- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments