राजस्थान। चूरू जिले के रतनगढ़ थाना इलाके में 9वीं क्लास में पढ़ने वाली 16 वर्षीय किशोरी ने बदनामी के डर से अपने ही घर में फांसी के फंदे पर झूलकर आत्महत्या कर ली। किशोरी के हाथों पर कुछ नाम लिखे हुए मिले हैं। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को फंदे से नीचे उतरवाकर जिला अस्पताल की मोर्चरी में रखवा दिया है।
वहां पर शव का मेडिकल बोर्ड द्वारा पोस्टमार्टम करने के बाद उसे परिजनों को सौंपा जाएगा। पुलिस ने बताया कि रतनगढ़ तहसील के एक गांव निवासी महिला ने पुलिस को जानकारी दी कि वह परिवार सहित सोमवती अमावस्या पर तीर्थ करने के लिए लोहार्गल गई हुई थी।
उसकी 16 वर्षीय बेटी घर पर अकेली थी, जिसकी देखरेख के लिए गांव के ही एक व्यक्ति को उसके पास छोड़कर गई थी। दोपहर में बेटी ने मां को फोन करके बताया कि भाई का हालचाल पूछने के लिए घर पर कल्याणपुरा निवासी दो युवक आए हैं। भाई के दोस्त होने के नाते इन युवकों से चाय- नाश्ते का पूछा तथा घर में बैठा लिया।
इसी दौरान गांव के फूलाराम ऐचरा व लालचंद मेघवाल घर पर आए तथा युवकों पर गलत आरोप लगाते हुए उन्हें घर से बाहर ले गए तथा उनके साथ मारपीट की और किशोरी को बदनाम करने लगे। इसी बदनामी के डर से किशोरी ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।
जब रात को लड़की के परिजन घर पर पहुंचे तो किशोरी फंदे पर झूलती मिली और उसके हाथों पर कुछ नाम लिखे हुए थे। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को फंदे से नीचे उतारकर जिला अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया। इस मामले की जांच सीआई सुभाष बिजारणियां कर रहे हैं।
उल्लेखनीय है कि राजस्थान में बीते कुछ समय से नाबालिगों के सुसाइड के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। कई बार नाबालिग परीक्षाओं में फेल होने के कारण सुसाइड कर लेते हैं कई बार परिजनों की डांट से आहत होकर इस तरह के कदम उठा लेते हैं। वहीं कई बार अन्य दूसरे कारणों से भी जान देने पर उतारू हो जाते हैं।



