चंडीगढ़, 16 दिसंबर | स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, पंजाब में 2025 तक कैंसर के मामले 43,196 तक पहुंचने की संभावना है, जो 2020 की तुलना में 13 प्रतिशत अधिक है। इनमें से अधिकांश मामले महिलाओं में होते हैं, जिनमें स्तन और गर्भाशय कैंसर सबसे आम है, जबकि पुरुषों में esophageal (भोजन नली) कैंसर सबसे आम है, जो शराब और चरबी के कारण होता है।
नेशनल सेंटर फॉर डिजीज इंफॉर्मेटिक्स एंड रिसर्च, बेंगलुरु के नए आंकड़ों के मुताबिक, 2025 तक पुरुषों में कैंसर के 19,991 मामले और महिलाओं में 23,205 यानी कुल 43,196 मामले होंगे। 2020 में 38,636 मामले सामने आए हैं, जिनमें 18,043 पुरुष और 20,593 महिलाएं थीं। 2019 में यह संख्या 37,744, 2018 में 36,888, 2021 में 39,521 और 2022 में 40,435 थी। पीजीआई की 2011 से 2015 की रिपोर्ट पर नजर डालें तो कैंसर के इलाज के लिए सबसे ज्यादा मरीज पंजाब से आए हैं। पंजाब के बाद हरियाणा दूसरे और हिमाचल प्रदेश तीसरे स्थान पर है। रिपोर्ट के मुताबिक, चंडीगढ़ इस लिस्ट में 5वें स्थान पर है।
होमी भाभा कैंसर हॉस्पिटल संगरूर सेंटर में ज्यादातर मरीज पंजाब से आते हैं, जो 75 से 80 फीसदी हैं, जबकि न्यू चंडीगढ़ होमी भाभा कैंसर हॉस्पिटल में 52 फीसदी मरीज पंजाब से और 58 फीसदी मरीज पंजाब से हैं। दूसरे राज्य बिहार और उड़ीसा से भी मरीज आ रहे हैं।



