अहमदाबाद। आजकल साइबर क्राइम और धोखाधड़ी के मामले इतनी तेजी के साथ बढ़ रहे हैं कि जांच एजेंसियों के लिए यह मुसीबत बन गए हैं। साइबर दुनिया के अपराधी इतने शातिराना ढंग से अपराध को अंजाम देते हैं कि वो शिकार को बचने का कोई मौका ही नहीं देते हैं। ताजा मामला गुजरात के बनासकांठा के एक शहर का सामने आया है जहां एक 52 वर्षीय शिक्षिका ने ब्रिटेन (Britain) के अपने साइबर फ्रेंड जेम्स डॉसन की मदद करने की कोशिश के बीच 80 लाख रुपये की बड़ी रकम गंवा दी। इस साइबर धोखाधड़ी (Cyber Crime) से शिक्षिका ने कठोर सबक भी सीखा है।
जानकारी के मुताबिक उन्होंने विभिन्न खातों में धन हस्तांतरित किया, यह विश्वास करते हुए कि वह भारतीय (Indian customs) और अन्य प्रवर्तन एजेंसियों से उसकी रिहाई को सुरक्षित करने में मदद कर सकती हैं। जबकि यह मामला साईबर अपराध की दुनिया (Cybercrime world) में कुख्यात ‘दोस्ती धोखाधड़ी’ की बानगी पेश करता है। अधेड़ आयु की यह महिला वर्तमान में इलाज से गुजर रही हैं क्योंकि वह अपने विदेशी दोस्त पर विश्वास करने से इनकार कर रही हैं, जिसने दावा किया था कि वह हीरे के आभूषण और अन्य गिफ्ट लेकर भाहरत आया था जोकि कभी अस्तित्व में नहीं थे।



