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WHO : हाई बीपी पर नियंत्रण पाकर 2040 तक 46 लाख मौतों को रोक सकता है भारत , पढ़िए पूरी खबर

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नई दिल्ली , 21 सितम्बर। भारत लाइफस्टाइल से संबंधित बीमारियों के मामले में तेजी से खतरनाक स्थिति में पहुंचता जा रहा है। एक तरफ 10 करोड़ लोग जहां डायबिटीज से पीड़ित हैं वहीं 19 करोड़ लोग साइलेंट किलर हाई ब्लड प्रेशर के शिकार हैं। हाइपरटेंशन को लेकर विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने पहली बार भारत को लेकर व्यापक अध्ययन किया जिसमें बेहद खौफनाक भविष्यवाणी की है।

डब्ल्यूएचओ ने कहा कि अगर भारत के लोग अभी से सावधान हो जाते हैं तो 2040 तक साइलेंट किलर हाई ब्लड प्रेशर से होने वाली 46 लाख लोगों को मौत के मुंह में जाने से बचाया जा सकता है अगर अभी से नहीं संभले तो भारत में मौत का खतरा बरकरार रहेगा। डब्ल्यूएचओ के मुताबिक भारत में करीब 31 प्रतिशत लोग हाई ब्लड प्रेशर के शिकार हैं। यानी 18.83 करोड़ लोगों को हाइपरटेंशन हैं लेकिन इनमें से आधे से ज्यादा लोगों को इस बीमारी के बारे में पता भी नहीं।

सबसे ज्यादा हाई बीपी से मौतें

एक रिपोर्ट के अनुसार पता चला कि जब ब्लड प्रेशर 140/90 से उपर पहुंच जाए तो यह हाई ब्लड प्रेशर है। हाई ब्लड प्रेशर का जब इलाज ना किया जाये या इससे बचाव का रास्ता न अपनाया जाए, तो इससे स्ट्रोक, हार्ट अटैक, हार्ट फेल्योर, किडनी डैमेज जैसी समस्या अचानक आ सकती है। WHO ने कहा है कि इन सभी समस्याओं से बचा जा सकता है अगर शुरू से ही हाई ब्लड प्रेशर को कंट्रोल कर लिया जाए। डब्ल्यूएचओ के मुताबिक भारत में जितने लोगों को हाई ब्लड प्रेशर हैं, उनमें से 37 प्रतिशत ही इसका इलाज करा पाते हैं जबकि इनमें से सिर्फ 30 प्रतिशत लोग इससे ठीक हो पाते हैं।

चिंता की बात यह है कि देश में जितने लोगों को हाई ब्लड प्रेशर हैं, उनमें से 15 प्रतिशत लोगों का ही बीपी अंडर कंट्रोल में रहता है। देश में किसी बीमारी से जितनी भी मौतें होती हैं, उनमें से आधी यानी करीब 52 प्रतिशत मौतों का सीधा संबंध हार्ट डिजीज से संबंधित है। इनमें हार्ट अटैक से मरने वालों की संख्या सबसे ज्यादा है। हालांकि हाई ब्लड प्रेशर ऐसी बीमारी है जो बहुत दिनों तक आपको संभलने का मौका देती है। अगर समय पर आप इसे कंट्रोल कर लेते हैं तो खतरा बहुत कम हो जाता है।

इस तरह बच सकते हैं हाई बीपी से

1. बीपी मशीन रखें – अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान, नई दिल्ली में कार्डियोलॉजी विभाग के प्रोफेसर डॉ. राकेश यादव कहते हैं कि शुरुआत से ही बीपी की जांच जरूरी है। इसके लिए घर में ही बीपी मशीन रखें और 20 साल की उम्र से ही नियमित रूप से बीपी जांच करें। यदि ब्लड प्रेशर ज्यादा है तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।

2. अल्कोहल, स्मोकिंग को अभी छोड़ें – रिपोर्ट के मुताबिक भारत में हाइपरटेंशन का सबसे बड़ा कारण शराब, स्मोकिंग और तंबाकू का सेवन हैं। इसलिए इन बुरी आदतों को अभी से छोड़ दें।

3. वजन कम करें – हाई बीपी का प्रमुख कारण है मोटापा. इसलिए यदि आपका वजन बढ़ा हुआ है तो सबसे पहले वजन कम कीजिए। वजन कम करने का कोई शॉर्ट कट तरीका नहीं है। इसलिए एक्सपर्ट की निगरानी में वो हर काम कीजिए जो एक्सपर्ट सुझाएं।

4. हेल्दी डाइट – अपनी डाइट में प्रोसेस्ड फूड, जंक फूड, फास्ट फूड, तली-भुनी चीजें, पैकेटबंद चीजें, ज्यादा मीठी चीजें, सॉफ्ट ड्रिंक, मीठा पेय, चिप्स, कुरकुरे आदि को आज से ही छोड़ दें। इसके साथ ही आज से घर में ताजा बना खाना खाएं जिसमें 90 प्रतिशत हिस्सा प्लांट बेस्ड हो. हरी पत्तीदार सब्जियां, साबुत अनाज, ताजे फल, ड्राई फ्रूट, मोटे अनाज आदि को अपनी रोजाना की डाइट में शामिल करें।

5. फिजिकल एक्टिविटी – ब्लड प्रेशर से बचने के लिए रोजाना 45 मिनट की एक्सरसाइज जरूरी है। इसके लिए जिम जाने की जरूरत नहीं है बल्कि वॉकिंग, रनिंग, स्विमिंग, जॉगिंग साइक्लिंग आदि करें। अगर हाई ब्लड प्रेशर हैं तो रनिंग करने से पहले अपने डॉक्टरों की सलाह लें।