गाजियाबाद, 30 अक्तूबरः उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में लुटेरों से भिड़ने वाली बीटेक छात्रा कीर्ति सिंह जिंदगी की जंग हार गई। कीर्ति के साथ चलते ऑटो में लूटपाट की कोशिश हुई थी। बदमाशों ने उसका मोबाइल छीनने की कोशिश की थी। लेकिन कीर्ति ने बहादुरी से उनका मुकाबला किया। उसने आसानी से बदमाशों को अपने मंसूबे में कामयाब नहीं होने दिया।
दरअसल, कीर्ति सिंह गाजियाबाद के ABES कालेज में बीटेक प्रथम वर्ष की छात्रा थी। वह हापुड़ स्थित अपने घर से रोज गाजियाबाद कालेज आती थी। बीते शुक्रवार (27 अक्टूबर) को भी कीर्ति हमेशा की तरह कॉलेज आई थी। जब वो वापस ऑटो से हापुड़ जा रही थी तो
रास्ते में दो बाइक सवार लुटेरे उसके पीछे लग गए।
कीर्ति ऑटो पर किनारे की तरफ बैठी हुई थी। लुटेरों की नजर उसके मोबाइल पर थी। वो झपट्टा मारकर मोबाइल छीनने की फिराक में थे। इसी बीच मसूरी थाना क्षेत्र के डासना फ्लाईओवर के पास NH-9 पर बाइक सवार बदमाशों ने उसका मोबाइल छीनने की कोशिश की। लेकिन कीर्ति ने पूरी ताकत से विरोध किया। कीर्ति ने मोबाइल नहीं छोड़ा तो बदमाशों ने झटका देकर उसे ऑटो से नीचे घसीट लिया। कीर्ति 15 मीटर तक सड़क पर घिसटती रही। फिर भी उसने हार नहीं मानी।
लुटेरे उसे कुछ दूर तक घसीटते हुए ले गए। आखिरी तक कीर्ति बाइक सवार लुटेरों से लोहा लेती रही। इस दौरान उसके सिर में गंभीर चोट आ गई। वो बुरी तरह घायल हो गई। उसके साथ चल रही सहेली ने उसे अस्पताल पहुंचाया और घरवालों को सूचना दी।
कीर्ति सिंह के शरीर में दो फ्रैक्चर हुए थे। सिर में भी गंभीर चोट आई थी। ऑटो से सिर के बल गिरने के कारण सिर की हड्डी टूट गई थी। वो आईसीयू में भर्ती थी। कीर्ति ने अस्पताल में 48 घंटे तक जिंदगी की जंग लड़ी। मगर वो ये जंग हार गई। इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
वहीं लुटेरों की तलाश में जुटी गाजियाबाद पुलिस ने एक आरोपी बोबिल उर्फ बलवीर को गिरफ्तार कर लिया। मगर इस दौरान दूसरा बदमाश जितेंद्र उर्फ जीतू भाग निकला था। सुबह पुलिस और जितेंद्र के बीच भी मुठभेड़ हो गई। इस मुठभेड़ में जितेंद्र घायल हो गया
और अस्पताल में उसकी मौत हो गई।
उधर, इस पूरे मामले में लापरवाही बरतने पर एक SHO को सस्पेंड और दो इंस्पेक्टर को लाइन हाजि र किया जा चुका है।



