Saturday, April 18, 2026
No menu items!
Google search engine

जब मुख्यमंत्री मान ने दे डाली खुली चेतावनी- अगर किसी भी कर्मचारी ने हड़ताल करने की जुर्रत की तो……

Spread the News

अपने क्षेत्र से बाहर नहीं जाएंगे कर्मचारी- DC कर्मचारी यूनियन बोली- हम अडिग, हड़ताल होकर रहेगी

भगवंत मान ने कहा- काफी तनख्वाह लेने वाले बोल रहे हड़ताल करेंगे

चंडीगढ़/ जालंधर। पंजाब की आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार ने हड़ताल की घोषणा करने वाले कर्मचारियों पर बुधवार देर रात एस्मा लागू कर दिया है। इनमें 1 सितंबर से हड़ताल का ऐलान करने वाले पटवारी-कानूनगो समेत रेवेन्यू विभाग और 13 सितंबर से कलमछोड़ हड़ताल की घोषणा करने वाले डीसी दफ्तर के कर्मचारी शामिल हैं। दिन में CM भगवंत मान ने अमृतसर में एक कार्यक्रम में इन्हें चेतावनी भी दी थी। जिसके बाद रात को बाढ़ का हवाला देते हुए ईस्ट पंजाब एसेंशियल सर्विसेज मेंटिनेंस एक्ट 1947 के सेक्शन 4 के सब सेक्शन वन के के तहत ये ऑर्डर जारी कर दिए गए।

इस आदेश के अनुसार, कोई भी कर्मचारी हड़ताल पर नहीं जा सकता है। आदेश 31 अक्टूबर तक लागू रहेंगे। आदेश में कहा गया है कि पंजाब के रणजीत सागर बांध, भाखड़ा बांध और पौंग बांध से लगातार पानी छोड़ा जा रहा है। राज्य में बाढ़ के हालात बने हुए हैं। ऐसे में राजस्व विभाग में काम करने वाले पटवारियों, कानूनगो और DC दफ्तरों के स्टाफ की ड्यूटी 24 घंटे है।

सरकार के अनुसार, इन विभागों के कर्मचारियों की जरूरत बाढ़ के इन हालातों में हर समय है। इसलिए राजस्व विभाग में कार्यरत पटवारियों, कानूनगो और डिप्टी कमिश्नर के दफ्तरों में तैनात स्टाफ को अपना स्टेशन छोड़ने की मनाही रहेगी। वह हर समय अपने दफ्तर में मौजूद रहेंगे और जरूरत पड़ने पर उन्हें ड्यूटी पर उन्हें हाजिर होना पड़ेगा।

कर्मचारियों को ईस्ट पंजाब एसेंशियल सर्विसेज मैनेजमेंट एक्ट 1947 (पंजाब एक्ट 1947 की सेक्शन-13) के तहत आगाह किया जाता है कि 31 अक्टूबर 2023 तक कोई भी कर्मचारी अपने क्षेत्र से बाहर नहीं जाएगा। यदि कोई नियमों का उल्लंघन करता है तो उसके खिलाफ अधिनियम में वर्णित पैनल प्रोविजन के तहत कार्रवाई की जाएगी।

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कर्मचारियों के प्रति सख्त रवैया अपना लिया है। पिछले कल उन्होंने पहले सीधी चेतावनी दी थी कि कलमछोड़ हड़ताल करो लेकिन कलम बाद में देनी है या नहीं यह सरकार तय करेगी। बहुत पढ़े लिखे बेरोजगार कलम थामने के लिए बैठे हैं। इसके बाद फिर से मुख्यमंत्री ने ट्वीट कर हड़ताल की धमकी देने वालों पर तंज कसा है।

उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार से बहुत तनख्वाह लेने वाले बोल रहे हैं कि कलमछोड़ हड़ताल करेंगे। लोगों को परेशान करके आप लोग अपनी जिम्मेदारी नहीं निभा रहे। उन्होंने फिर से चेतावनी दी है कि यदि कलम छोड़ हड़ताल ही करनी है तो सुन लो- बाद में छोड़ी हुई कलम का क्या करना है, यह सरकार तय करेगी। हम सभी के लिए लोग प्राथमिकता होने चाहिएं। मुख्यमंत्री ने अपने ट्वीट में कहा है कि जायज मांगें पहले भी मानी गई थीं, अब भी मानी जाएंगी, लेकिन दरिया बिछाकर हड़ताल करके धक्के से की जा रही मांगें नहीं मानी जाएंगी।

सरकार के इस फैसले पर डीसी दफ्तर कर्मचारी यूनियन के प्रधान तेजिंदर सिंह नंगल ने कहा कि सीएम को धमकी देने के बजाय हमारे साथ बैठकर हमारी समस्याएं सुननी चाहिए। कर्मचारियों के प्रमोशन से लेकर पेंशन तक की मुश्किलें बनी हुई हैं। इसलिए यूनियन ने 11 से 13 सिंबर तक पेन डाउन स्ट्राइक की घोषणा की थी। वह इस पर अडिग हैं। हड़ताल होकर रहेगी। कर्मचारी परिवार समेत सड़कों पर उतरेंगे।

RELATED ARTICLES
- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments