देश की वर्तमान स्थिति, लोकतंत्र की रक्षा, मॉब लिंचिंग की बढ़ती घटनाएं, आपसी धार्मिक नफरत समेत विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से होगी चर्चाः कारी गय्यूर अहमद
लुधियाना। जमीयत उलेमा-ए-हिंद भारत के मुसलमानों की प्रथम ओैर पहल के आधार पर मुसलमानों की समस्याओं और अन्य धार्मिक समस्याओं को हल करने का काम करती है। भारत एक लोकतांत्रिक देश है जिसका संविधान सभी को समान अधिकार देता है। धर्म, जाति और क्षेत्र के आधार पर किसी भी नागरिक के खिलाफ किसी भी तरह का भेदभाव और पूर्वाग्रह देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था के खिलाफ है।
इन बातों को जमीयत उलेमा जिला लुधियाना के अध्यक्ष कारी गय्यूर अहमद ने जिक्र करते हुए कहा कि 20-21 मई को जमीयत उलेमा हिंद की बैठक हजरत मौलाना सैयद अरशद साहब मदनी की अध्यक्षता में होगी। इस इजलास में देश की वर्तमान स्थिति, लोकतंत्र की रक्षा, मॉब लिंचिंग की बढ़ती घटनाएं, आपसी धार्मिक नफरत, आपसी अराजकता और आतंकवाद के आरोप में मुस्लिम युवकों के मामले जैसी घटनाओं पर चर्चा होगी।
इस इजलास में पंजाब समेत देश भर से जमीयत उलेमा हिंद के सैकड़ों केंद्रीय सदस्य और हजारों केंद्रीय सदस्य शामिल होंगे। बाद में लुधियाना अध्यक्ष कारी गय्यूर अहमद ने सभी केंद्रीय सदस्यों से अपील करते हुए कहा कि जमीयत उलेमा हिन्द की इस बैठक में सभी अपना समय निकाल कर अपने नेता व अध्यक्ष को संगठित करें। जमीयत उलेमा हिन्द मौलाना सैयद अरशद मदनी के अनमोल विचार सुनें।



