बेहतर भविष्य के लिए विदेश जाएं, लेकिन रास्ता सही होना चाहिए : संत सीचेवाल
सुल्तानपुर लोधी, 31 मई( डा सुनील धीर) पिछले साढ़े पांच महीने से तुर्की में फंसे तीन पंजाबी युवकों को वापस लाने में राज्यसभा सदस्य संत बलबीर सिंह सीचेवाल की अहम भूमिका की सर्वत्र चर्चा हो रही है। बेहतर भविष्य की तलाश में अमेरिका जाने के लिए ट्रैवल एजेंटों के झांसे में आए इन युवकों में दो कपूरथला और एक तरनतारन जिले का रहने वाला है। संत सीचेवाल ने आज यहां मीडिया से बात करते हुए पीडि़त युवकों और उनके माता-पिता की उपस्थिति में कहा कि उन्हें फ़र्ज़ी ट्रैवेल एजेंटों के झांसे में आकर अपने और अपने माता-पिता के भविष्य को जोखिम में नहीं डालना चाहिए।
संत बलबीर सिंह सीचेवाल ने कहा कि कपूरथला जिले के टिब्बा गांव के अमृतपाल सिंह और भवानीपुर के नवजोत सिंह और तरनतारन के गांव सरहाली कलां के हैप्पी सिंह 25 मई को अपने घर लौट आए हैं। इस बीच युवकों ने कहा कि वे लाखों रुपये खर्च कर विदेश इस उम्मीद में जाना चाहते थे कि वहां उनका भविष्य सुनहरा होगा, लेकिन उन्हें नहीं पता था कि वे वहां फस जायेंगे। तुर्की से लौटे युवकों ने बताया कि उन्हें तुर्की के एक कैंप में रखा गया था। क्योंकि उन्हें तुर्की की पुलिस ने नकली वीज़ा के लिए पकड़ा था जो उन्हें एजेंटों द्वारा दिया गया था।
संत सीचेवाल को मिलने पहुंचे इन युवाओं ने संत सीचेवाल का आभार जताते हुए कहा कि वे घर लौटकर बहुत खुश हैं। इन पंजाबी युवकों ने बताया कि उस कैंप में पाकिस्तान, अफगानिस्तान, उज्बेकिस्तान, सर्बिया समेत अन्य देशों के युवकों को रखा गया था, उनमें से वे केवल तीन भारत से थे। इस दौरान संत सीचेवाल ने युवाओं के भविष्य की चिंता करते हुए कहा कि विदेशों में बेहतर भविष्य की तलाश कर रहे अधिकांश युवा फर्जी एजेंटों के झांसे में आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि विदेश जाने के मोह में वे यह भी भूल जाते हैं कि भविष्य में उन्हें किन-किन कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है।
उन्होंने कहा कि युवाओं में विदेश जाने का मोह इतना प्रबल है कि उन्हें अपनी जान की भी परवाह नहीं है। उन्होंने युवाओं से अपील करते हुए कहा कि वे बेहतर भविष्य के लिए विदेश जरूर जाएं, लेकिन उनका रास्ता सही होना चाहिए। संत सीचेवाल ने विदेश मंत्रालय और तुर्की में भारतीय दूतावास के कर्मचारियों को धन्यवाद दिया, जिन्होंने अपने ईमानदार प्रयासों के कारण इन युवाओं की स्वदेश वापसी को संभव बनाया है।
पीड़ित अमृतपाल सिंह के पिता जसबीर सिंह और नवजोत सिंह के पिता सुखदेव सिंह ने संत बलबीर सिंह सीचेवाल का धन्यवाद किया और कहा कि उनके प्रयासों से ही वे बच्चे वापस लौटे हैं। उन्होंने पंजाब के मुख्यमंत्री से ट्रेवल एजेंटों के पास फंसा उनका पैसा लौटाने करने की अपील की।
कैंप में किया जा रहा अमानवीय व्यवहार।
तुर्की कैंप से लौटे इन युवकों ने बताया कि तुर्की के कैंप में उनके साथ बेहद अमानवीय व्यवहार किया गया। उन्हें खाने के लिए अच्छा खाना नहीं मिलता था और न ही बीमार होने पर उन्हें कोई इलाज दिया जाता था। लौटे एक युवक ने बताया कि उसने लौटने की उम्मीद छोड़ दी थी और वहीं का जीवन अपना लिया था। लेकिन वह आभारी हैं कि उनकी वापसी संत सीचेवाल और विदेश मंत्रालय द्वारा किये गए प्रयासों से संभव हो पाई।



