नई दिल्ली, 5 नवंबर | अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के डॉक्टरों ने एक चुंबक का उपयोग करके 7 वर्षीय बच्चे के बाएं फेफड़े में फंसी सिलाई मशीन की सुई को बाहर निकाल एक बड़ी सफलता प्राप्त की है। सफल सर्जरी का जश्न मनाते हुए अस्पताल के कर्मचारियों ने डॉक्टरों की सराहना की, जबकि बच्चे के माता-पिता ने उनका आभार व्यक्त किया। एम्स ने शनिवार को यह खबर साझा की।
बाल चिकित्सा सर्जरी विभाग के अतिरिक्त प्रोफेसर डॉ. विशेष जैन ने खुलासा किया कि बच्चे को खांसी में खून आने के कारण पिछले बुधवार को गंभीर हालत में एम्स में भर्ती कराया गया था। रेडियोलॉजिकल जांच से पता चला कि बच्चे के बाएं फेफड़े में एक लंबी सिलाई सुई गहराई तक धंसी हुई है। इस नाजुक प्रक्रिया से निपटने के लिए, डॉक्टरों ने 4 मिमी चौड़ाई और 1.5 मिमी मोटाई का एक चुंबक खरीदा जिसकी मदद से सूई निकाली गई।
सुई फेफड़े में इतनी गहराई तक घुसी हुई थी कि कोई पारंपरिक तरीकों काम न आ सका, जैसा कि बाल चिकित्सा सर्जरी विभाग के एक अन्य अतिरिक्त प्रोफेसर डॉ. देवेन्द्र कुमार यादव ने बताया। चिकित्सा टीम सुई हटाने के लिए एक अभिनव और सुरक्षित समाधान तैयार करने के उद्देश्य से व्यापक विचार-विमर्श में लगी हुई है।
उनके आविष्कार में एक विशेष रूप से तैयार किया गया उपकरण शामिल था, जो चुंबक को रबर बैंड और धागों से सुरक्षित रूप से चिपका देता था। बाएं फेफड़े के अंदर सुई का पता लगाने के लिए श्वासनली की एक एंडोस्कोपी शुरू की गई, जिसमें केवल सुई की नोक का पता चला जो गहराई में धंसी हुई थी। चुंबकीय उपकरण सुई को सफलतापूर्वक निकालने में सहायक साबित हुआ।
बच्चे के फेफड़े में सुई कैसे घुसी, इस संबंध में परिजन कोई जानकारी नहीं दे सके। इस आश्चर्यचकित सरजरी ने एम्स के सभी कर्मचारियों व पूरे देश को आश्चर्यचकित कर दिया है।




