कोलंबिया। डॉक्टरों को भगवान का रूप माना जाता है। उनकी वजह से सैकड़ों लोगों की जान बच पाती है। और उनकी एक गलती की वजह से लोगों की जान जा भी सकती है। इसलिए डॉक्टरों का पेशा बेहद मुश्किल और चुनौतीपूर्ण होता है। उनकी एक छोटी सी भूल किसी पर भारी पड़ सकती है। कोलंबिया की एक महिला की जिंदगी भी डॉक्टरों की वजह से बेहद दर्दनाक गुजरी।
एक रिपोर्ट के अनुसार कोलंबिया के ग्रामीण इलाके में रहने वाली एक 39 साल की महिला को जब हाल ही में पता चला कि उसके शरीर में पिछले 10-11 सालों से जो दर्द था वो किस वजह से था, तो उसके होश उड़ गए और उसे लगने लगा कि वो उसकी लाइफ के 11 साल बेकार चले गए। मारिया एडर्लिंडा फोरेरो ने साल 2012 में अपने चौथे बच्चे को जन्म दिया था और उसके बाद उन्होंने नसबंदी का फैसला किया। उन्होंने अपने फलोपियन ट्यूब को ( fallopian tube) बंधवा दिया था जिससे वो दोबारा कभी प्रेग्नेंट ना हो पाएं।
इस सर्जरी के दौरान डॉक्टरों से बड़ी गलती हो गई। उन्होंने महिला के शरीर में ही सुई-धागा छोड़ दिया। सर्जरी के 2-3 दिन बाद उन्हें काफी दर्द महसूस हुआ तो उन्हें लगा कि शायद वो बच्चे के जन्म के बाद होने वाला दर्द है। इसलिए उन्होंने उसे अंदेखा कर दिया। पर वो दर्द बढ़ता ही गया।
ग्रामीण इलाके में रहने के कारण उन्हें डॉक्टर के पास जाने में 2 घंटे तक लग जाते थे। वो पति के साथ बाइक से जाया करती थीं और ये उनके परिवार के लिए काफी खर्चीला अनुभव भी होता था। इसलिए वो कभी जातीं तो कभी नहीं जातीं। जब दर्द ज्यादा बढ़ा तो उन्होंने डॉक्टरों को दिखाया। किसी ने उन्हें पेन किलर दे दिया तो किसी ने कुछ और। दर्द की वजह से उन्हें कई बार नौकरी छोड़नी पड़ी। क्योंकि वो काम पर ही नहीं जा पाती थीं।
गांव के इलाके में रहने की वजह से कई बार खराब मौसम की वजह से वो बाहर ही नहीं निकल पाती थीं और उन्हें दर्द से ही तड़पना पड़ता था। 10 साल बाद, यानी पिछले साल नवंबर 2022 में एक डॉक्टर ने एमआरआई और अल्ट्रासाउंड लिखा। तब जाकर उससे पता चला कि सर्जरी के दौरान डॉक्टरों ने सुई और धागा ही फैलोपियन ट्यूब की जगह पर छोड़ दिया था।
10-11 सालों से वो इसी वजह से बेहिसाब दर्द से जूझ रही थीं। डॉक्टरों को जब उन्होंने ये बात बताई तो उन्होंने अपने आप को सही बताते हुए कहा कि संभव है मारिया ने कभी गलती से सुई-धागा निगल लिया होगा। अब मारिया जल्द से जल्द ऑपरेशन के सहारे उसे निकवाने के लिए बेताब हैं। उनका कहना है कि वो मरना नहीं चाहतीं और इस दर्द से भी छुटकारा पाना चाहती हैं।



