चंडीगढ़, 12 नवंबर | कनाडा सरकार ने विजिटर वीजा नियमों में भारी बदलाव किया है। कनाडा सरकार के नए फैसले के मुताबिक अब 10 साल का विजिटर वीजा नहीं मिलेगा। नए नियमों के तहत, यह अनिवार्य नहीं है कि प्रत्येक आवेदक पासपोर्ट की अवधि के लिए कनाडाई आगंतुक वीजा प्राप्त करे। कनाडा सरकार ने मल्टीपल एंट्री को सिंगल एंट्री वीजा से बदलने की घोषणा की है।
कनाडा के आव्रजन विभाग के मुताबिक, विजिटर वीजा पर आए लोगों की संख्या डेढ़ लाख से ज्यादा है और इनमें से जो लोग खुद वापस नहीं लौटे, उन्हें वापस लौटने पर कड़ी कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है। सरकार का यह फैसला तुरंत लागू कर दिया गया है और अवैध रूप से रह रहे लोगों की सूची बननी शुरू हो गई है।
इमिग्रेशन विभाग की ओर से जारी सूचना के मुताबिक, 10 साल की अवधि वाले मल्टीपल एंट्री वीजा केवल चुनिंदा लोगों को ही दिए जाएंगे और मौके पर मौजूद इमिग्रेशन अधिकारियों को निर्णय लेने का अधिकार होगा। आव्रजन एवं नागरिकता विभाग ने आगंतुक वीजा की अवधि पर विशेष जोर दिया है। चूंकि अधिकांश वीज़ा एकल प्रवेश वाले हैं, इसलिए उनकी अवधि 6 महीने से एक वर्ष तक ही होगी। सबसे पहले, आवेदक का कनाडा आने का उद्देश्य देखा जाएगा और यदि उद्देश्य किसी शादी, सम्मेलन या प्रशिक्षण सत्र से संबंधित है, तो केवल एकल प्रवेश वीजा दिया जाएगा।
वैसे तो कनाडा सरकार की ओर से नए विजिटर वीजा नियम हर देश के लिए जारी किए गए हैं, लेकिन इन्हें सीधे तौर पर भारत से जोड़कर देखा जा रहा है। यह परिवर्तन उन भारतीयों के लिए विशेष रूप से कठिन साबित हो सकता है जो परिवार और दोस्तों से मिलने या अन्य काम के लिए लंबे समय तक कनाडा में रहना चाहते थे।



