अल्पसंख्यक लोक भलाई संस्था ने कैदियों की रिहाई का मामला प्रधानमंत्री के समक्ष उठाया
अमृतसर। जातीय भेदभाव के कारण सज़ा काट चुके बंदियों को रिहा न करने पर जेल प्रशासन के खिलाफ मानवाधिकारों के हनन के मामले में अल्पसंख्यक लोक भलाई संस्था के अध्यक्ष श्री सतनाम सिंह गिल ने देश के प्रधानमंत्री को पत्र लिखा था। जिस के बाद देश के प्रंधानमंत्री ने पंजाब सरकार के मुख्य सचिव को नोटिस जारी किया है।
देश के प्रधान मंत्री ने अल्संपख्यक लोक भलाई संस्था के अध्यक्ष श्री सतनाम सिंह गिल की यांचिका पर कारवाई करते हुए सजा काट चुके, लेकिन जेलों में बंद कैदियों के मामलों को निपटाने के लिए दखल दे दिया है ।
पंजाब की जेलों में बंद प्रभावित कैदियों के मामलों का निपटारा सुनिश्चित करने के लिए सकारात्मक प्रतिक्रिया देते हुए अल्पसंख्यक लोक भलाई संस्था के अध्यक्ष सतनाम सिंह गिल ने केंद्र की प्रतिक्रिया की आधिकारिक तौर पर जानकारी देते हुए कहा कि पंजाब के लोगों की लंबे समय से यह मांग थी कि केंद्र को उन कैदियों की रिहाई के प्रति सहानुभूति दिखानी चाहिए जो जेलों में बंद हैं।
राज्य की जेलों में सज़ा काट चुके मामलों पर विचार करें। उन्होंने कहा कि उनकी ‘संस्था’ सजा काट चुके कैदियों की रिहाई सुनिश्चित करने के लिए हर संभव प्रयास करेगी, उन्होंने कहा कि वह जल्द ही पंजाब के मुख्य सचिव से मुलाकात करेंगे।
उन्होंने कहा कि भारत के अन्य राज्यों में जेलों के मामलों की जांच करने से पहले, अल्पसंख्यक लोक भलाई संस्था की याचिका पर विचार करते हुए, दिल्ली में भारत के प्रधान मंत्री कार्यालय द्वारा अनुभाग अधिकारी शिखा शर्म के हस्ताक्षर के तहत जारी किया काम प्रदान।
मंत्री कार्यालय ने मुख्य सचिव पंजाब सरकार श्री वीके जंजुआ आईएएस को निर्देश दिया है कि मेरी याचिका का निपटारा करते हुए मुख्य सचिव पंजाब कैदियों के मामलों का निपटारा सुनिश्चित करें।
पत्रकारों द्वारा पूछे गए सवालों के जवाब में श्री गिल ने कहा कि केंद्र ने मेरी याचिका मुख्य सचिव पंजाब को निस्तारण के लिए भेज दी है।लेकिन मुख्य सचिव पंजाब ने अभी तक उनसे संपर्क नहीं किया है।



